बिहार में नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक का मुख्य एजेंडा
बिहार में नई एनडीए सरकार के गठन के बाद मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में पहली बार मंत्रिपरिषद की बैठक आयोजित हुई। यह बैठक मुख्य सचिवालय में हुई, जिसमें सरकार ने कुल दस महत्वपूर्ण निर्णयों पर सहमति व्यक्त की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य में उद्योगों का विस्तार, निवेश को प्रोत्साहन देना और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन करना रहा।
उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में नई पहलें और योजनाएं
नीतीश सरकार ने नए औद्योगिक क्लस्टर विकसित करने और पुराने औद्योगिक क्षेत्रों को पुनर्जीवित करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही, रक्षा क्षेत्र में डिफेंस कॉरिडोर, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पार्क, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, मेगा टेक सिटी और फिनटेक सिटी जैसी परियोजनाओं पर तेजी से काम शुरू किया जाएगा। युवा उद्यमियों को समर्थन देने के लिए स्टार्टअप नीति में संशोधन किया जाएगा, ताकि उन्हें फंडिंग, प्रशिक्षण और बाजार उपलब्ध कराए जा सकें।
आधुनिक तकनीक और औद्योगिक विकास की दिशा में कदम
राज्य में नई चीनी मिलें लगाने और बंद पड़ी मिलों को फिर से चालू करने की योजना भी बनाई गई है। इसके अलावा, बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन की स्थापना का प्रस्ताव है, जिससे शहरों का आधुनिक विकास संभव हो सके। इन योजनाओं की निगरानी के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है, जिसमें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ शामिल होंगे। यह समिति छह महीने में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
राज्य में आगामी सत्र और राजनीतिक गतिविधियों का निर्णय
बैठक में 1 से 5 दिसंबर तक बिहार विधानमंडल का सत्र बुलाने का प्रस्ताव भी मंजूर किया गया, जिसे राज्यपाल को भेजा जाएगा। इस सत्र में नए निर्वाचित विधायकों का शपथ ग्रहण, स्पीकर का चुनाव और सरकार का विश्वास मत शामिल है। इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर कहा कि 2020-25 के बीच 50 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है, और अब 2025-30 तक एक करोड़ युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य है।
प्रमुख फैसले और भविष्य की योजनाएं
बैठक के दौरान लिए गए दस मुख्य फैसलों में बिहार में उद्योगों का विस्तार, पुराने औद्योगिक क्षेत्रों का पुनरुद्धार, रक्षा और तकनीकी परियोजनाओं का विकास, स्टार्टअप नीति में संशोधन, नई चीनी मिलें लगाने और बंद मिलों को पुनः शुरू करने की योजना शामिल है। साथ ही, राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन की स्थापना और उच्चस्तरीय कमिटी का गठन भी तय किया गया है, जो उद्योग और रोजगार के क्षेत्र में नई दिशा तय करेगी।









