बिहार में नई सरकार के बाद विभागीय बदलाव और प्राथमिकताएं
बिहार में हाल ही में नई सरकार के गठन के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रशासनिक सुधारों को तेज करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने कुछ मंत्रियों के बीच नए विभागों का बंटवारा किया है, जिससे सरकार की कार्यशैली और निर्णय प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है। इन बदलावों को राज्य की शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और बुनियादी ढांचे की प्राथमिकताओं से जोड़कर देखा जा रहा है।
मंत्रियों को नई जिम्मेदारियों का आवंटन और विभागीय पुनर्गठन
आदेश के अनुसार, शिक्षा मंत्री सुनील कुमार को उच्च शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। इससे पहले वे स्कूल शिक्षा से जुड़े कार्यों को संभाल रहे थे, लेकिन अब विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और तकनीकी संस्थानों से संबंधित निर्णयों में तेजी आने की संभावना है। इसके साथ ही श्रम संसाधन मंत्री संजय सिंह को युवा रोजगार और कौशल विकास विभाग का दायित्व सौंपा गया है, ताकि युवाओं को रोजगार से जोड़ने और कौशल प्रशिक्षण योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
अधिक विभागीय बदलाव और नई योजनाएं
मंत्री अरुण शंकर प्रसाद के विभागीय दायित्वों में भी बदलाव किया गया है। पहले उनके पास पर्यटन और कला, संस्कृति-युवा विभाग दोनों थे, लेकिन अब कला और संस्कृति विभाग को अलग कर दिया गया है और युवा विभाग को रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के साथ मिलाकर योजनाओं को सीधे जुड़ने का प्रयास किया गया है। इसके अलावा सुरेंद्र मेहता को डेयरी विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है, जिससे पशुपालन और दूध उत्पादन को मजबूत बनाने की दिशा में बेहतर समन्वय की उम्मीद है।
वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने पास ही नागरिक उड्डयन (सिविल एविएशन) विभाग की जिम्मेदारी रखी है। माना जा रहा है कि राज्य में हवाई संपर्क बढ़ाने, नए एयरपोर्ट और हवाई सेवाओं के विस्तार पर वे खुद नजर रखेंगे, जिससे बिहार की कनेक्टिविटी में सुधार हो सके।











