बिहार में नीतीश कुमार के दिल्ली जाने की चर्चा तेज, बेटे निशांत का सियासी भविष्य चर्चा का विषय
बिहार में इन दिनों नीतीश कुमार के दिल्ली प्रवास की खबरें कम और उनके पुत्र निशांत के राजनीतिक भविष्य की चर्चा अधिक हो रही है। जब भी नीतीश कहीं भी जाते हैं, वहां निशांत को लेकर सवाल उठने लगते हैं। साथ ही, राजनीतिक रैलियों में भी निशांत का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। सोमवार को पटना में भी ऐसा ही दृश्य देखने को मिला, जब नीतीश कुमार ने बिहार विधान परिषद के अतिथि निवास का उद्घाटन किया। इस अवसर पर जोरदार नारेबाजी में निशांत कुमार जिंदाबाद के नारे भी लगे।
नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद बिहार में राजनीतिक हलचल तेज, निशांत का भविष्य चर्चा का केंद्र
नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद छोड़कर राज्यसभा सांसद चुने जाने के बाद से ही बिहार की राजनीति में हलचल मची हुई है। सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि निशांत कुमार का आगामी राजनीतिक रोल क्या होगा। बिहार में नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर भी अटकलें तेज हैं। सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार का दिल्ली जाना तय हो चुका है और संभव है कि वे जल्द ही मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दें। इस बीच, उनके बेटे निशांत ने हाल ही में जनता दल यूनाइटेड (JDU) में शामिल होकर राजनीतिक मैदान में कदम रखा है।
निशांत का राजनीतिक सफर और बिहार की सियासत में बदलाव की संभावना
44 वर्षीय निशांत कुमार ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की है और अब राजनीति में कदम रखा है। उनके जेडीयू में शामिल होने से बिहार की राजनीतिक तस्वीर में बड़ा बदलाव आया है। खबरें हैं कि निशांत को बिहार के उपमुख्यमंत्री पद का भी प्रस्ताव मिल सकता है, हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बिहार में राजनीतिक समीकरण बदलने की संभावना के बीच, निशांत का नाम चर्चा में है कि वह नीतीश कुमार की जगह लेकर पार्टी में नई ऊर्जा भर सकते हैं।











