बिहार में जदयू में निशांत कुमार की नई भूमिका से उत्साह का माहौल
बिहार के गोपालगंज जिले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार के जनता दल (यूनाइटेड) में शामिल होने और सक्रिय राजनीति में कदम रखने की खबर से पार्टी कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ गई है। इस अवसर पर जदयू कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़कर और गुलाल लगाकर अपने उत्साह का इजहार किया।
कार्यक्रम का आयोजन जदयू के कार्यकर्ता अभय पाण्डेय के नेतृत्व में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी समर्थक मौजूद थे। कार्यकर्ताओं ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री के इस कदम को पार्टी की मजबूती का संकेत माना।
पारिवारिक राजनीति और गठबंधन की मजबूती पर चर्चा
अभय पाण्डेय ने परिवारवाद के सवाल पर तर्क देते हुए कहा कि बिहार में सुशासन की सरकार है और विभिन्न दलों का गठबंधन मजबूत है। उन्होंने बताया कि भाजपा जदयू की सहयोगी है और कई नेताओं के परिवार राजनीति में सक्रिय हैं। जैसे नितिन नवीन, जो नवीन सिन्हा के पुत्र हैं, और सम्राट चौधरी, जो शकुनि चौधरी के बेटे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि लोक जनशक्ति पार्टी के रामविलास पासवान के पुत्र चिराग पासवान भी राजनीति में हैं। उपेंद्र कुशवाहा के पुत्र दीपक प्रकाश और जीतन राम मांझी के पुत्र संतोष सुमन भी मंत्री पद पर हैं। इस तरह के उदाहरण बताते हैं कि परिवारवाद अब राजनीति का हिस्सा है, और मुख्यमंत्री के बेटे का राजनीति में आना कोई असामान्य बात नहीं है।
राजनीति में युवा नेतृत्व का स्वागत और पार्टी का उत्साह
अभय पाण्डेय ने कहा कि जब अन्य दलों के नेताओं के परिवार राजनीति में सक्रिय हैं, तो मुख्यमंत्री के पुत्र का राजनीति में आना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि पहले जनता दल यूनाइटेड इस मामले में अलग था, लेकिन अब सभी दल समान हैं। मुख्यमंत्री ने निशांत कुमार को राजनीति में लाकर गठबंधन को और मजबूत किया है।
उन्होंने यह भी कहा कि निशांत कुमार के सक्रिय राजनीति में आने से पार्टी का मनोबल बढ़ेगा। इस खुशी के मौके पर जदयू कार्यकर्ताओं ने पटाखे चलाए, गुलाल लगाया और मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद थे, जिन्होंने इसे पार्टी के लिए सकारात्मक कदम माना।










