बिहार विधानसभा चुनाव का पहला चरण और चुनावी घोषणापत्र
बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 7 नवंबर को कुल 121 सीटों पर मतदान होगा। इस महत्वपूर्ण मतदान से लगभग एक हफ्ता पहले ही सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी किया है। इस घोषणापत्र में शिक्षा, रोजगार, महिलाओं, गरीब, किसान और सामाजिक न्याय जैसे विभिन्न वर्गों के लिए आकर्षक वादे किए गए हैं।
विपक्षी महागठबंधन का भी चुनावी वादा
दो दिन पहले ही विपक्षी महागठबंधन ने अपना चुनावी घोषणा पत्र सार्वजनिक किया है। दोनों गठबंधनों का मुख्य फोकस गरीब, युवा, किसान और महिलाओं पर रहा है। इन दोनों दलों के घोषणापत्र में वादों के साथ-साथ मुफ्त सुविधाओं का भी जिक्र है। साथ ही, भविष्य की योजनाओं का रोडमैप भी स्पष्ट किया गया है।
किसके पास क्या है वादों का खजाना?
बिहार के प्रमुख राजनीतिक गठबंधनों एनडीए और महागठबंधन के घोषणापत्र में वादों का खजाना भरा हुआ है। आइए जानते हैं कि इन दोनों दलों ने अपने अपने पिटारों में क्या-क्या वादे किए हैं।
गरीबों के लिए किए गए वादे और योजनाएं
एनडीए ने अपने घोषणापत्र में गरीबों के लिए ‘पंचामृत गारंटी’ का वादा किया है। इसके तहत मुफ्त राशन, 125 यूनिट मुफ्त बिजली, पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज, 50 लाख नए पक्के मकान और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
वहीं, महागठबंधन ने गरीब वर्ग के लिए 500 रुपये में गैस सिलेंडर, मनरेगा मजदूरी में वृद्धि, वृद्धा और विधवा पेंशन को 1500 रुपये महीना, दिव्यांग पेंशन को 3000 रुपये और 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली का वादा किया है।
रोजगार और उद्योग के क्षेत्र में वादे
एनडीए ने अपने घोषणा पत्र में एक करोड़ से अधिक नौकरियों का वादा किया है। इसमें हर जिले में अत्याधुनिक मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट, दस नए औद्योगिक पार्क, कौशल विकास केंद्र और ग्लोबल स्किलिंग सेंटर स्थापित करने का लक्ष्य है।
विपक्षी महागठबंधन ने हर परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का वादा किया है। साथ ही, परीक्षाओं के शुल्क माफ करने, मुफ्त परीक्षा केंद्र सुविधा, आईटी पार्क, डेयरी, नवीकरणीय ऊर्जा और हेल्थ सेक्टर में रोजगार सृजन का भी लक्ष्य रखा है।
सिंचाई, किसान और महिलाओं के लिए वादे
महागठबंधन ने नई सिंचाई परियोजनाएं शुरू करने और सभी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद की गारंटी का वादा किया है। मंडियों को फिर से चालू करने और एपीएमसी अधिनियम को बहाल करने का भी संकल्प लिया है।
एनडीए ने किसान सम्मान निधि के तहत किसानों को 3000 रुपये वार्षिक देने का वादा किया है। साथ ही, पंचायत स्तर पर फसल खरीद, फूड प्रोसेसिंग यूनिट और कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर में भारी निवेश का भी लक्ष्य है। महिलाओं के लिए दोनों गठबंधनों ने कई योजनाएं शुरू करने का वादा किया है।
महिला सशक्तिकरण और शिक्षा स्वास्थ्य योजनाएं
महागठबंधन ने महिलाओं के लिए हर महीने 2500 रुपये की ‘माई-बहिन मान’ योजना, बेटियों की शिक्षा के लिए ‘BETI’ योजना और महिलाओं के मकान, अन्न और आय के लिए ‘MAI’ योजना का वादा किया है। साथ ही, जीविका दीदियों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा और वेतन देने का भी प्रस्ताव है।
एनडीए ने महिलाओं को दो लाख रुपये तक की सहायता राशि, लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य और मिशन करोड़पति के तहत उद्यमियों को समर्थन देने का वादा किया है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और भविष्य की योजनाएं
महागठबंधन ने एजुकेशनल सिटी बनाने, हर अनुमंडल में महिला कॉलेज खोलने और मुफ्त स्वास्थ्य बीमा जैसी योजनाओं का वादा किया है। वहीं, एनडीए ने केजी से पीजी तक मुफ्त गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्कूलों में पौष्टिक नाश्ता और पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज का वादा किया है।
भविष्य की योजनाओं में दोनों गठबंधनों ने बिहार को विकसित और पलायन मुक्त बनाने के लिए नई परियोजनाएं, एक्सप्रेसवे, मेट्रो सेवा, इंटरनेशनल एयरपोर्ट और रेलवे नेटवर्क का विस्तार करने का लक्ष्य रखा है।










