मुंगेर में सरकारी दस्तावेज जलाने का वीडियो वायरल
मुंगेर जिले के जमालपुर अंचल कार्यालय से संबंधित सरकारी कागजात जलाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। यह वीडियो शुक्रवार का बताया जा रहा है, जिसमें लाल कपड़े में बंधे कई रजिस्टर और भूमि से जुड़े दस्तावेज आग की लपटों में घिरे हुए दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो के सामने आने के बाद स्थानीय जनता में गहरा आक्रोश व्याप्त हो गया है।
भ्रष्टाचार छुपाने के लिए दस्तावेज जलाने का आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि डिप्टी सीएम के आगमन से पहले अंचल कार्यालय के कर्मचारियों ने भ्रष्टाचार को छुपाने के उद्देश्य से इन दस्तावेजों को जलाया है। उनका मानना है कि यह घटना सरकारी रिकॉर्ड को नष्ट करने की गंभीर कोशिश हो सकती है, ताकि जमीन से जुड़े मामलों में हुई गड़बड़ी को छुपाया जा सके।
जमीन से जुड़े मामलों में पहले से ही आरोप लगे हैं
वीडियो में देखा जा सकता है कि प्रखंड कार्यालय के सामने खुले स्थान पर फाइलों और दस्तावेजों का ढेर जलाया जा रहा है। इसमें लाल कपड़े में बंधे खतियान रजिस्टर और अन्य भूमि संबंधी दस्तावेज भी जलते हुए नजर आ रहे हैं। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और कर्मचारियों से पूछताछ करने का प्रयास किया, लेकिन किसी भी कर्मचारी ने इस मामले में कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया। इससे लोगों का शक और भी गहरा हो गया है।
जमालपुर अंचल कार्यालय पर पहले से ही भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगते रहे हैं। लोगों का कहना है कि दाखिल-खारिज, एलपीसी और परिमार्जन जैसे जमीन से जुड़े कार्यों में अवैध वसूली की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। नागरिकों को परेशान करने की घटनाएं भी बार-बार उजागर हुई हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद पूरे क्षेत्र में इस घटना को लेकर चर्चा तेज हो गई है और लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
बिहार के डिप्टी सीएम और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि उन्हें भी इस वीडियो की जानकारी मिली है। उन्होंने इस मामले में उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। उन्होंने कहा कि सरकार पहले भी एनडीए की थी और आगे भी रहेगी। सरकार जनता के हित में सुशासन और समृद्धि के लिए काम करती रहेगी। अब पूरे मामले की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।











