बिहार चुनाव के पहले चरण के नामांकन का अंतिम दिन
बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि आज है। इस चरण में कुल 121 सीटें शामिल हैं। महागठबंधन में सीटों के बंटवारे का आधिकारिक ऐलान अभी तक नहीं हुआ है, लेकिन विभिन्न दल उम्मीदवारों को चुनाव चिन्ह (सिंबल) बांटने में लगे हैं। इस बीच, विपक्षी गठबंधन में सबसे बड़ा सस्पेंस मुकेश सहनी को लेकर बना हुआ है।
महागठबंधन में सीट शेयरिंग और मुकेश सहनी का असमंजस
मुकेश सहनी ने एक दिन पहले दो बार प्रेस कॉन्फ्रेंस का समय बदलने के बाद अंततः इसे रद्द कर दिया। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उन्हें डिप्टी सीएम का पद या फेस घोषित नहीं किया जाता, तब तक महागठबंधन में उनकी भागीदारी संभव नहीं है। लोकसभा चुनाव के दौरान तेजस्वी यादव के साथ हेलिकॉप्टर राइड का वीडियो वायरल होने के बाद, मुकेश सहनी का राष्ट्रीय जनता दल (RJD) से राजनीतिक ब्रेकअप होने वाला था। हालांकि, राहुल गांधी के एक फोन कॉल ने इस गठबंधन को बचा लिया।
सीटों को लेकर असमंजस और राजनीतिक तनाव
सूत्रों के अनुसार, तेजस्वी यादव के साथ कई बैठकें होने के बावजूद सीटों के बंटवारे को लेकर सहमति नहीं बन सकी। मुकेश सहनी की पार्टी विकासशील इंसान पार्टी (VIP) ने महागठबंधन से बाहर निकलने का फैसला कर लिया था, जिसे गुरुवार को वह प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऐलान करने वाले थे। सहनी को लेकर पार्टी के बीच सीटों की संख्या को लेकर नाराजगी और बातचीत का अभाव भी इस तनाव का कारण रहा।
राहुल गांधी से मुलाकात और पार्टी की रणनीति
नाराज सहनी ने सीपीआई (एमएल) के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य से संपर्क किया और उनसे आग्रह किया कि वह राहुल गांधी से बातचीत कराएं। दीपांकर भट्टाचार्य ने सहनी की बात मानते हुए राहुल गांधी से संपर्क किया, लेकिन पहले सहनी को खुद पत्र लिखने को कहा। सहनी ने राहुल गांधी को पत्र लिखकर अपनी पार्टी VIP को महागठबंधन में बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने लिखा कि उनके लिए सीटें महत्वपूर्ण नहीं हैं, बल्कि गठबंधन की स्थिरता जरूरी है।
राहुल गांधी का हस्तक्षेप और राजनीतिक समीकरण
राहुल गांधी ने दीपांकर भट्टाचार्य के फोन के बाद RJD (Lalu Yadav और Tejashwi Yadav) नेतृत्व और मुकेश सहनी दोनों से बातचीत की। इसके बाद, सहनी ने अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस के कार्यक्रम को दो बार बदला और अंत में रद्द कर दिया। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस ने सहनी को लेकर फैसला तेजस्वी यादव पर छोड़ दिया था, और यह भी कहा था कि पार्टी उनके फैसले का समर्थन करेगी। हाल ही में, मुकेश सहनी दिल्ली दौरे पर भी गए थे, जहां उन्होंने राहुल गांधी और Mallikarjun Kharge से मुलाकात की इच्छा जताई थी, लेकिन बिना मुलाकात के ही पटना लौट गए।










