बिहार की राजनीति में मुकेश सहनी का बड़ा आरोप
प्रसिद्ध VIP पार्टी नेता मुकेश सहनी ने एक बार फिर बिहार की राजनीतिक स्थिति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी (BJP) लोकतंत्र को कमजोर करने का प्रयास कर रही है और चुनावी प्रक्रिया में धांधली के माध्यम से सत्ता पर कब्जा करने की कोशिशें हो रही हैं।
बिहार में चुनावी व्यवस्था पर भाजपा का आरोप
सहनी ने दावा किया कि बिहार में चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने के लिए भाजपा ने रणनीति बनाई है। उन्होंने कहा, “बिहार में लोकतंत्र को भाजपा ने समाप्त कर दिया है। चुनाव में भाजपा वोट चोरी कर रही है। अंबेडकर जी ने लोकतंत्र का निर्माण किया था, और आज भाजपा वोट खरीदने के लिए 5 किलो अनाज का सहारा ले रही है।” साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि गरीबों को मुफ्त राशन देना लोकतंत्र नहीं, बल्कि वोट खरीदने की राजनीति है। सहनी ने स्पष्ट किया कि गरीबों को सम्मान चाहिए, न कि केवल अनाज देकर वोट लेना लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान है।
बिहार में राजनीतिक अस्थिरता और भाजपा का खेल
सहनी ने बिहार में चुनावी हार के बाद भाजपा पर तीखा तंज कसा है। उन्होंने कहा, “पैसे से वोट लेकर बिहार में सरकार बनाई जाती है।” इसके साथ ही उन्होंने बिहार में लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि बंगाल में बाबरी मस्जिद विवाद और एसएआर (सेंट्रल ऐजेंसी रेस्पांस) को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा। सहनी ने कहा कि बिहार इसका जीता-जागता उदाहरण है, जहां लोकतंत्र लगातार कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने बंगाल में बाबरी मस्जिद विवाद को लेकर कहा कि यह पूरा खेल भाजपा का है, जिसने हिंदू-मुस्लिम की नींव डाली है। सहनी ने यह भी आरोप लगाया कि टीएमसी (Trinamool Congress) भाजपा का एजेंडा आगे बढ़ा रही है, और यदि सही जांच हो तो भाजपा ही इसमें शामिल पाएगी।
सहनी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि अब नीतीश कुमार केवल नाम के मुख्यमंत्री रह गए हैं, क्योंकि गृह मंत्रालय भाजपा के पास जाने के बाद उनकी कुर्सी भी खतरे में है। उन्होंने कहा, “अभी गृह मंत्रालय भाजपा के खाते में गया है, और बहुत जल्द मुख्यमंत्री की कुर्सी भी भाजपा ले लेगी।” अंत में, सहनी ने जनता से अपील की कि वह लोकतंत्र की रक्षा के लिए जागरूक हो, क्योंकि यदि जनता नहीं जागी तो आने वाले समय में लोकतंत्र केवल नाम का रह जाएगा।










