मोकामा में ललन सिंह का विवादित भाषण और FIR दर्ज
मोकामा में केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह के एक भाषण का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। यह मामला तब सामने आया जब अनंत सिंह को दुलारचंद यादव हत्या मामले में जेल भेजे जाने के बाद ललन सिंह ने मोकामा में अपनी राजनीतिक सक्रियता बढ़ा दी। वे लगातार क्षेत्र में घूम-घूमकर अपने समर्थकों के बीच पहुंच रहे हैं और अनंत सिंह के लिए वोट की अपील कर रहे हैं।
वीडियो के आधार पर FIR और राजनीतिक विवाद
जब ललन सिंह का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो पटना जिला प्रशासन ने उसकी जांच शुरू कर दी। जांच के बाद, उनके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई। सोशल साइट X (पूर्व में ट्विटर) पर प्रशासन ने बताया कि वीडियो में आपत्तिजनक टिप्पणियों के कारण यह कार्रवाई की गई है। इस वीडियो में ललन सिंह विरोधी नेताओं को घर से बाहर न निकलने की धमकी देते नजर आ रहे हैं, जिसे लेकर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
ललन सिंह का चुनाव प्रचार और राजनीतिक रणनीति
मोकामा में अनंत सिंह के जेल जाने के बाद से ही ललन सिंह ने चुनावी मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने घोषणा की है कि अब मोकामा का हर कार्यकर्ता अनंत सिंह बनकर चुनाव लड़ेगा। लगातार जनसभाओं के माध्यम से वे मतदाताओं को समझाने का प्रयास कर रहे हैं कि क्यों और कैसे अनंत सिंह की जीत सुनिश्चित करनी है। अपने भाषणों में ललन सिंह ने कहा कि जब अनंत सिंह यहां थे, तब उनकी जिम्मेदारी कम थी, लेकिन अब जब वह नहीं हैं, तो उनकी जिम्मेदारी और बढ़ गई है।
लालू यादव के रोड शो का प्रभाव और राजनीतिक समीकरण
आरजेडी प्रमुख लालू यादव ने पटना के दानापुर विधानसभा क्षेत्र में करीब 15 किलोमीटर लंबा रोड शो किया। इस रैली में उन्होंने अपने समर्थक रीतलाल यादव के समर्थन में प्रचार किया। रीतलाल यादव को एक बिल्डर से रंगदारी मांगने के मामले में जेल भेजा गया है, और उनका परिवार चुनाव प्रचार संभाल रहा है। लालू यादव के इस रोड शो का राजनीतिक महत्व इसलिए भी बढ़ गया है क्योंकि यह उनके बेटे तेजस्वी यादव के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होने के संदर्भ में अहम माना जा रहा है।
राजनीतिक विवाद और चुनावी माहौल
लालू यादव के रोड शो को लेकर बीजेपी और अन्य विपक्षी दलों ने सवाल उठाए हैं। बीजेपी का आरोप है कि लालू यादव का यह प्रदर्शन उनके स्वास्थ्य की स्थिति का संकेत है, और उन्होंने इसे राजनीतिक रैली के बजाय एक कमजोर प्रदर्शन बताया है। वहीं, लालू यादव का यह रोड शो उनके समर्थकों के बीच उत्साह का स्रोत बना हुआ है। इस बीच, लालू यादव ने 2024 के लोकसभा चुनाव में अपनी बेटी रोहिणी आचार्य के लिए प्रचार किया था, जो सारण सीट से चुनाव लड़ रही थीं।









