बिहार चुनाव से पहले सोशल मीडिया और टीवी सीरीज का प्रभाव
बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान से ठीक पहले एक नई टीवी सीरीज का प्रसारण हुआ है, जिसने राजनीतिक माहौल को गर्म कर दिया है। इस सीरीज में प्रधानमंत्री को ईडी (Enforcement Directorate) और सीबीआई (Central Bureau of Investigation) का दुरुपयोग करने वाला दिखाया गया है, साथ ही विपक्षी दलों को हर कीमत पर बर्बाद करने का प्रयास किया गया है। इसमें वंशवाद का महिमामंडन भी किया गया है, और बिहार को विशेष राज्य का दर्जा न दिए जाने तथा केंद्र सरकार की तानाशाही के कारण राज्य की सरकार को हर पल आर्थिक संकट का सामना करते दिखाया गया है।
यह धारावाहिक बिहार की जटिल राजनीतिक और सामाजिक समस्याओं को केंद्रित कर केंद्र सरकार पर आरोप लगाने का एक माध्यम बन गया है। इसमें कई घटनाओं को वर्तमान प्रधानमंत्री से जोड़ने का प्रयास किया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह कहानी जानबूझकर वर्तमान पीएम को निशाना बनाने के लिए बनाई गई है। खास बात यह है कि यह सीरीज सोनी लिव पर प्रसारित हो रही है, और इसकी लोकप्रियता का असर ग्रामीण इलाकों में भी देखने को मिल रहा है। सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा और समीक्षा हो रही है, और युवा वर्ग मोबाइल फोन पर इसे देख रहा है, जिससे इसकी पहुंच और प्रभाव बढ़ रहा है।
सीरीज का राजनीतिक संदर्भ और प्रभाव
यह धारावाहिक पिछले सीजन की तरह ही बिहार की राजनीति से प्रेरित है, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की छवि को नकारात्मक रूप में दिखाया गया था। इस बार कहानी केंद्र में बिहार से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गई है, और इसकी थीम 1990 के लालू-राबड़ी युग से प्रेरित है। इसमें दिखाया गया है कि कैसे बिहार की मुख्यमंत्री रानी भारती (हुमा कुरैशी) दोबारा सत्ता में आती हैं और दिल्ली में केंद्र सरकार के साथ टकराव करती हैं। इस कहानी में बिहार को विशेष राज्य का दर्जा न मिलने की निरंतर मांग को प्रमुख मुद्दा बनाया गया है, और इसे केंद्र सरकार की तानाशाही के रूप में चित्रित किया गया है।
सीरीज में यह भी दिखाया गया है कि कैसे केंद्र सरकार के समर्थन में एजेंसियों का दुरुपयोग किया जाता है, जैसे ईडी और सीबीआई का इस्तेमाल विपक्षी नेताओं को दबाने के लिए किया जाता है। रानी भारती के खिलाफ कई मामलों को फिर से खोलने का प्रयास किया जाता है, और उनके बेटे के खिलाफ भी कार्रवाई की जाती है। इस तरह की घटनाओं को दिखाकर यह संदेश देने का प्रयास किया गया है कि वर्तमान केंद्र सरकार ही इन सबके पीछे है।
वास्तविक राजनीति और पात्रों का चित्रण
सीरीज में दिखाए गए पात्रों और घटनाओं का वास्तविक राजनीति से मेल खाता है। पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव की छवि का इस्तेमाल पीएम जोशी के किरदार में किया गया है, और उन्हें आंध्र प्रदेश के एक गांव में जन्मा बताया गया है। इसके साथ ही पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रेम कहानी को भी इसमें शामिल किया गया है, जो कहानी की आवश्यकता नहीं थी। इस धारावाहिक में पीएम मोदी जैसी छवि बनाने का भी प्रयास किया गया है, जिसमें उन्हें जुमलेबाज और सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया है।
यह सीरीज 2024 के लोकसभा चुनावों के मद्देनजर एक रणनीतिक कदम माना जा रहा है, क्योंकि इसमें बिहार के चुनावी माहौल को प्रभावित करने की कोशिश की गई है। इसमें दिखाया गया है कि कैसे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू समर्थन में आते हैं, और यह सब राष्ट्रीय राजनीति के संदर्भ में दर्शाया गया है।










