बिहार चुनाव का महागठबंधन का नया घोषणा पत्र
बिहार विधानसभा चुनाव के लिए महागठबंधन ने अपने नवीनतम साझा घोषणा पत्र को जारी किया है, जिसे तेजस्वी पत्र नाम दिया गया है। यह घोषणा पत्र पिछले चुनाव के घोषणा पत्र से कितना अलग है और इसमें कांग्रेस के एजेंडे को कितनी जगह मिली है, इस पर चर्चा तेज हो गई है। इस बार का चुनावी दस्तावेज युवाओं, किसानों और महिलाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।
प्रमुख बदलाव और नई योजनाएं
पिछले चुनाव में महागठबंधन ने अपने घोषणा पत्र का नाम था ‘प्रण हमारा, संकल्प बदलाव का’, जबकि इस बार इसे ‘तेजस्वी पत्र’ कहा गया है। नारे में भी बदलाव हुआ है, अब का नारा है ‘संपूर्ण बिहार के संपूर्ण परिवर्तन के लिए’, जबकि पहले का नारा था ‘न्याय और बदलाव’। रोजगार और युवाओं पर केंद्रित इस घोषणा पत्र में कई नई योजनाओं का उल्लेख है।
रोजगार और शिक्षा पर विशेष ध्यान
2020 के चुनाव में महागठबंधन ने 10 लाख सरकारी नौकरियों का वादा किया था। इस बार का वादा है कि हर परिवार के कम से कम एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी। सरकार बनने के 20 दिनों के भीतर कानून बनाकर 20 महीनों में नौकरियां शुरू कर दी जाएंगी। साथ ही, मुख्यमंत्री दीदी को राज्य कर्मचारी का दर्जा और वेतन 30 हजार रुपये प्रति माह देने का भी वादा किया गया है।
शिक्षा के क्षेत्र में भी बदलाव नजर आ रहा है। पिछले चुनाव में शिक्षा का बजट 12 प्रतिशत तक बढ़ाने का वादा किया गया था। इस बार कक्षा आठ से बारहवीं तक के गरीब छात्रों को टैबलेट देने और 70 किलोमीटर के दायरे में विश्वविद्यालय खोलने का प्रस्ताव है।
कृषि, महिला और सामाजिक योजनाएं
2020 के चुनाव में कृषि ऋण माफी और नए कृषि कानूनों को खत्म करने का वादा किया गया था। इस बार महागठबंधन ने फसल बीमा योजना और किसान बीमा योजना लागू करने का वादा किया है। मखाना प्रसंस्करण उद्योग स्थापित करने का भी प्रस्ताव है।
महिला सशक्तिकरण पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। महिलाओं को हर महीने ढाई हजार रुपये देने और मातृत्व तथा पीरियड अवकाश सुनिश्चित करने का वादा किया गया है। साथ ही, ताड़ी पर प्रतिबंध हटाने और शराबबंदी कानून की समीक्षा का भी संकेत है। आईटी सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए आईटी पार्क बनाने का भी वादा किया गया है।
कांग्रेस का एजेंडा और अन्य वादे
महागठबंधन के घोषणा पत्र में कांग्रेस के एजेंडे की झलक भी स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है। युवाओं के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं के फॉर्म भरने पर परीक्षा शुल्क माफ करने और परीक्षा केंद्र तक मुफ्त यात्रा की सुविधा का उल्लेख है। महिलाओं के लिए भी मुफ्त बस यात्रा और दो हजार इलेक्ट्रिक बसें खरीदने का वादा किया गया है।
गरीब परिवारों को पांच सौ रुपये में गैस सिलेंडर देने का भी वादा है, जो कांग्रेस का पुराना दांव है। स्वास्थ्य क्षेत्र में भी महागठबंधन ने 25 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज और स्वास्थ्य बीमा का प्रावधान किया है। यदि सत्ता में आए तो यह योजना लागू की जाएगी।









