बिहार चुनाव में सियासी घमासान तेज, सीट शेयरिंग को लेकर बढ़ी खींचतान
बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। विपक्षी महागठबंधन में सीटों के बंटवारे को लेकर चल रही चर्चाओं में अब मतभेद साफ नजर आने लगे हैं। पहले माना जा रहा था कि सीटों के फॉर्मूले पर सहमति बन चुकी है, लेकिन अब स्थिति बदलती दिख रही है। रविवार रात को तेजस्वी यादव के आवास पर हुई महागठबंधन की बैठक के बाद मुकेश सहनी ने दावा किया था कि सभी मुद्दों का समाधान हो चुका है और जल्द ही इसकी घोषणा कर दी जाएगी।
महागठबंधन में बढ़ती नाराजगी और सीटों का विवाद
हालांकि, अब मुकेश सहनी खुद ही नाराज दिखाई दे रहे हैं। जानकारी के अनुसार, बिहार के इस महागठबंधन में मुख्य रूप से आरजेडी (RJD) और कांग्रेस के साथ-साथ तीन लेफ्ट पार्टियां भी शामिल हैं। इनमें मुकेश सहनी की विकासशील इंसान पार्टी (VIPS), पशुपति पारस की राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (RLSP) और हेमंत सोरेन की झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की संभावित भागीदारी तय मानी जा रही है। हालांकि, इन सभी दलों के बीच आधिकारिक रूप से सीटों का बंटवारा अभी तय नहीं हुआ है।
बिहार की 243 सीटों पर चुनाव होने हैं, और हर दल अधिक से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य रख रहा है। इस स्थिति में सीटों का बंटवारा जटिल हो गया है, जिसे ‘एक अनार, सौ बीमार’ जैसी कहावत भी कहा जा सकता है। मुकेश सहनी की पार्टी 40 सीटों की मांग कर रही है, और उनका दावा है कि उन्हें डिप्टी सीएम पद का उम्मीदवार भी बनाया जाए।
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सूत्रों के अनुसार, तेजस्वी यादव ने मुकेश सहनी को 12 सीटें ऑफर की हैं। इस प्रस्ताव के बाद दोनों नेताओं के बीच देर रात तक बातचीत चली। वहीं, महागठबंधन में शामिल अन्य दलों के नेताओं ने भी अपनी-अपनी मांगें रखी हैं। आरजेडी के प्रस्ताव पर सीपीआई (एमएल) भी असंतुष्ट है। एक दिन पहले हुई बैठक में तेजस्वी यादव ने सीपीआई (एमएल) को 19 सीटें देने का प्रस्ताव दिया था, जिसे पार्टी ने अस्वीकार कर दिया।
सीपीआई (एमएल) अब 30 उम्मीदवारों की अपनी अंतिम सूची 7 अक्टूबर को आरजेडी को सौंपने की योजना बना रही है। यदि उन्हें उचित सीटें नहीं मिलती हैं, तो वे सभी विकल्पों पर विचार कर सकते हैं।
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माना जा रहा था कि महागठबंधन में सीटों का बंटवारा इस तरह होगा कि आरजेडी (RJD) को 145 सीटें, कांग्रेस को लगभग 56 से 58 सीटें, और विकासशील इंसान पार्टी (VIPS) को 18 से 20 सीटें मिलेंगी। इसके अलावा, लेफ्ट पार्टियों को भी 22 सीटें मिल सकती हैं। बिहार में कुल 243 विधानसभा सीटें हैं, जिनके लिए दो चरणों में मतदान होना है।
वास्तविकता में, इस फॉर्मूले में अभी भी कई अड़चनें हैं, और राजनीतिक दल अपने-अपने हितों के अनुसार सीटों का निर्धारण कर रहे हैं। इस जटिल समीकरण का परिणाम कब सामने आएगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन चुनावी माहौल में तेजी से बदलाव हो रहे हैं।









