अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध से पेट्रोलियम संकट बढ़ा
वर्तमान में अमेरिका (USA), इजरायल (Israel) और ईरान (Iran) के बीच जारी संघर्ष के कारण वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता का माहौल बना हुआ है। इस युद्ध के प्रभाव से भारत में भी पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जिससे आम जनता को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खासतौर पर एलपीजी गैस की कमी का खतरा बढ़ने से देश के कई हिस्सों में लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
गैस की अफवाहों ने बिहार और झारखंड में मचाई हलचल
बिहार के मोतिहारी (Motihari) और झारखंड की राजधानी रांची (Ranchi) में गैस की कमी की अफवाह फैलते ही उपभोक्ताओं में हड़कंप मच गया। मोतिहारी में पिपरा, सुगौली जैसे इलाकों में गैस गोदामों के बाहर भारी भीड़ जमा हो गई। लोग अपने सिलेंडर लेने के लिए घंटों कतार में खड़े रहे, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। कई जगहों पर अफरा-तफरी का माहौल भी देखा गया। उपभोक्ताओं का कहना था कि युद्ध और आपूर्ति में बाधा की खबरें उन्हें डराने लगी हैं कि कहीं गैस की आपूर्ति रुक न जाए।
वहीं, रांची में भी गैस एजेंसियों पर लंबी कतारें देखने को मिलीं। धुर्वा स्थित सुधा डेयरी के पास गैस एजेंसी पर बड़ी संख्या में लोग सिलेंडर लेने पहुंचे। कई उपभोक्ता अपने वाहनों, बाइक और बैटरी रिक्शा से घंटों लाइन में खड़े रहे। कुछ का मानना है कि मौजूदा हालात को देखते हुए वे अतिरिक्त सिलेंडर रखना चाहते हैं, ताकि भविष्य में किसी भी आपात स्थिति में घर में गैस की कमी न हो।
गैस की आपूर्ति में कोई कमी नहीं, एजेंसियों का दावा
गैस एजेंसी के संचालक बिनोद गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि देश में गैस की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि होली के त्योहार के कारण कुछ दिनों के लिए सप्लाई प्रभावित हुई थी, क्योंकि प्लांट बंद था और ट्रकें नहीं आ पा रही थीं। अब रोजाना गैस की आपूर्ति सामान्य रूप से शुरू हो चुकी है।
रांची के उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ बैठक कर कहा कि किसी भी तरह की पैनिक स्थिति न बने, इसके लिए सप्लाई चेन को सुचारू रूप से चलाने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, कालाबाजारी पर कड़ी नजर रखने और आवश्यक कदम उठाने के भी निर्देश दिए गए हैं।









