लालू यादव की बेटी रोहिणी का जीवन और राजनीतिक सफर
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने हाल ही में राजनीतिक क्षेत्र से संन्यास लेने और अपने परिवार से दूरी बनाने का फैसला किया है। यह निर्णय उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में आरजेडी (RJD) की करारी हार के बाद लिया। रोहिणी ने यह कदम अपने करीबी सलाहकारों संजय यादव और रमीज की सलाह पर उठाया। वह पहले अपने पिता को किडनी दान कर जीवन बचाने के साथ ही 2024 के लोकसभा चुनाव में भाग लेने को लेकर चर्चा में थीं। उनके पास लगभग 36.6 करोड़ रुपये की संपत्ति है और उन्होंने मेडिसिन में डिग्री प्राप्त की है। वर्तमान में वह अपने पति और बच्चों के साथ सिंगापुर में रह रही हैं।
सिंगापुर में रह रही लालू की बेटी और उनका राजनीतिक इतिहास
पांच वर्षों से सोशल मीडिया पर सक्रिय रोहिणी अपने परिवार के साथ सिंगापुर में निवास कर रही हैं। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव भी लड़ा था, जिसमें भाजपा के राजीव प्रताप रूडी से वह 13 हजार से अधिक वोटों से हार गई थीं। चुनावी हलफनामे के अनुसार, रोहिणी ने अपनी कुल संपत्ति 36.6 करोड़ रुपये घोषित की थी। वह एक शिक्षित पेशेवर हैं और अपने पेशे को सामाजिक सेवा के रूप में दर्शाती हैं। उनके खिलाफ कोई भी आपराधिक मामला लंबित नहीं है। 45 वर्षीय रोहिणी ने मेडिकल की डिग्री प्राप्त की है और शादी के बाद विदेश में बस गईं।
प्रारंभिक जीवन, शिक्षा और पारिवारिक पृष्ठभूमि
रोहिणी का जन्म 1979 में पटना में हुआ था। उन्होंने जमशेदपुर के महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज से MBBS की डिग्री हासिल की। वह लालू यादव की सात बेटियों और दो बेटों में से दूसरी नंबर पर हैं। अपने तीन बच्चों और पति के साथ वह वर्तमान में सिंगापुर में रह रही हैं। उनके जीवन की कहानी राजनीति, सामाजिक सेवा और परिवार के बीच संतुलन का उदाहरण प्रस्तुत करती है।









