खेसारी लाल यादव का राजनीति में कदम और उनका दृष्टिकोण
भोजपुरी फिल्म उद्योग के प्रसिद्ध अभिनेता और गायक खेसारी लाल यादव ने स्पष्ट किया है कि जीवन में किसी भी चीज का अचानक होना जरूरी नहीं है। उन्होंने बताया कि उन्होंने कभी भी चुनाव लड़ने का विचार नहीं किया था, लेकिन परिस्थितियों ने उन्हें ऐसा करने पर मजबूर कर दिया। खेसारी ने कहा कि उनकी पत्नी के कागजात पहले से तैयार थे, लेकिन कुछ तकनीकी समस्याओं के कारण उन्होंने खुद चुनाव मैदान में उतरने का निर्णय लिया।
खेसारी का राजनीतिक सफर और उनके प्रेरणादायक विचार
खेसारी लाल यादव ने अपने राजनीतिक सफर के दौरान कहा कि लालू प्रसाद यादव उनके लिए सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि पिता समान हैं। वह तेजस्वी यादव को अपने बड़े भाई की तरह मानते हैं और उन्हें हमेशा उनका आशीर्वाद प्राप्त रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि बिहार के विकास में योगदान नहीं देंगे, तो यह सही नहीं होगा। खेसारी ने यह भी व्यक्त किया कि बिहार को बदलने का सपना उनके साथ ही नहीं, बल्कि पूरी जनता का है।
बिहार की समस्याओं और विकास के प्रति खेसारी का दृष्टिकोण
खेसारी ने बिहार में नालों और जलभराव जैसी प्रमुख समस्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि ये समस्याएं राज्य के विकास में बाधा हैं। साथ ही उन्होंने बेरोजगारी को भी गंभीर मुद्दा बताया, जो युवाओं के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि सिर्फ उनके गाने ही नहीं, बल्कि विकास के लिए युवाओं का साथ जरूरी है। संगीत उनका पहला प्यार रहेगा, लेकिन अब राजनीति में अधिक समय देना जरूरी है क्योंकि जनता का भरोसा सबसे ऊपर है।
बिहार को बदलने का उनका सपना और जनता के प्रति प्रतिबद्धता
खेसारी ने कहा कि बिहार को बिहार की जनता ही बदलेगी, न कि वह खुद। उन्होंने यह भी कहा कि विकास का कार्य केवल गांव के ही व्यक्ति से नहीं, बल्कि बाहर के लोग भी कर सकते हैं। उनका उद्देश्य छपरा को आगे ले जाना है और जनता के भरोसे पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे। उन्होंने यह भी व्यक्त किया कि बिहार के विकास के लिए उनका समर्पण पूरी तरह से है।










