बिहार में नशा तस्करी का खतरनाक नेटवर्क तेजी से फैल रहा है
बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद से ही सूखे नशे का अवैध कारोबार बढ़ता जा रहा है। खासकर हाजीपुर जिले में एक पति-पत्नी का ड्रग्स सिंडिकेट का मास्टरमाइंड पाया गया है, जो नशे के इस जाल को संचालित कर रहे थे। वैशाली जिले में पुलिस ने ऐसे ही एक दंपति को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से भारी मात्रा में हेरोइन, नकद राशि, मोबाइल फोन और रेलवे टिकट बरामद हुए हैं।
हेरोइन तस्करी का खुलासा: पति-पत्नी की गिरफ्तारी
यह मामला महिषौर थाना क्षेत्र का है, जहां पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि समस्तीपुर (Samastipur) की ओर से एक संदिग्ध कार हेरोइन की बड़ी खेप लेकर आ रही है। सूचना मिलते ही महुआ (Mahuwa) के एसडीपीओ के नेतृत्व में पुलिस टीम ने एनएच-322 पर पनसल्ला चौक के पास जांच शुरू की। जब संदिग्ध कार को रोका गया, तो चालक भागने का प्रयास करने लगा। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए वाहन को घेर लिया और तलाशी ली।
संदिग्ध कार से मिली भारी मात्रा में हेरोइन और गिरफ्तारी
तलाशी के दौरान कार में छिपाकर रखी गई कुल 440 ग्राम हेरोइन, नकद रुपये, मोबाइल फोन और रेलवे टिकट बरामद किए गए। इस कार्रवाई में चार व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें मुख्य आरोपी, उसकी पत्नी सोनम कुमारी, धीरज कुमार सिंह और वाहन चालक बंदन कुमार शामिल हैं। जांच में पता चला है कि आरोपी पति-पत्नी लंबे समय से हेरोइन की तस्करी में संलिप्त थे। वे बाहर से खेप मंगवाकर विभिन्न इलाकों में सप्लाई करते थे और अपने नेटवर्क के जरिए युवाओं को नशे के जाल में फंसाते थे।
महुआ के एसडीपीओ सजीव कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई जिले में नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है। पुलिस अब आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इनके नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि यह हेरोइन कहां से लाई गई थी और किसे सप्लाई की जानी थी।









