राज्य सरकार की नई पहल से नागरिक जीवन में सुधार की उम्मीद
राज्य सरकार ने आम जनता के जीवन को अधिक सरल, सुविधाजनक और सम्मानजनक बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस नई योजना के तहत अब नागरिक अपनी रोजमर्रा की समस्याओं को दूर करने में सीधे भागीदारी कर सकते हैं। सरकार ने जनता से सुझाव आमंत्रित किए हैं ताकि उन चुनौतियों को समझा जा सके, जिनका सामना नागरिक सरकारी सेवाओं का उपयोग करते समय करते हैं।
यह पहल सात निश्चय-3 के अंतर्गत निश्चय-7 योजना से जुड़ी है, जिसका नाम है सबका सम्मान-जीवन आसान (Ease of Living)। सरकार का मानना है कि कोई भी नीति तभी सफल हो सकती है जब वह जनता के अनुभव और आवश्यकताओं पर आधारित हो। इसी सोच के साथ, अब योजनाओं को सीधे नागरिकों के जीवन से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
सरकार ने नागरिकों से मांगे सुझाव, जानिए मुख्य विषय
सरकार ने रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी सरकारी सेवाओं में सुधार के लिए कुछ खास विषयों पर सुझाव मांगे हैं। इनमें शामिल हैं घर तक प्रमाण पत्रों की डिलीवरी, बुजुर्गों के लिए नर्सिंग और देखभाल सेवाएं, सड़कों पर पैदल चलने वालों की सुरक्षा, अस्पतालों में बेहतर और सुविधाजनक इलाज, और सरकारी दफ्तरों में आसान, पारदर्शी और कम झंझट वाली प्रक्रियाएं।
सुझाव भेजने की अंतिम तिथि 4 जनवरी 2026 है। नागरिक ऑनलाइन क्यूआर कोड के माध्यम से या ऑफलाइन पते पर-अपर सचिव, 4 देशरत्न मार्ग, मुख्यमंत्री सचिवालय, पटना-800001-सुझाव भेज सकते हैं। सरकार इन सुझावों की समीक्षा कर एक प्रभावी कार्ययोजना तैयार करेगी, जिसे राज्य स्तर पर लागू किया जाएगा।
आगे की योजना और अपेक्षित लाभ
सभी प्राप्त सुझावों का विश्लेषण कर सरकार एक व्यावहारिक और प्रभावशाली कार्ययोजना बनाएगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य सरकारी सेवाओं तक आसान पहुंच, प्रक्रियाओं को सरल बनाना, समय की बचत करना और तकनीक का उपयोग कर सेवाओं का लाभ नागरिकों तक जल्दी पहुंचाना है। सरकार का दावा है कि इस पहल से न केवल सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि नागरिकों का जीवन स्तर भी बेहतर होगा। इससे राज्य के विकास को नई दिशा मिलेगी और जनता का जीवन अधिक सहज और सम्मानजनक बन सकेगा।










