गोलपालगंज की दिव्यांग छात्रा की संघर्षपूर्ण कहानी
बिहार के गोपालगंज जिले के रामनगर गांव की 15 वर्षीय दिव्यांग छात्रा सोनी कुमारी का जीवन संघर्ष और उसकी शिक्षा के प्रति लगन हर किसी के लिए प्रेरणादायक है। यह बच्ची दोनों पैरों से विकलांग होने के बावजूद अपने सपनों को पूरा करने के लिए हर दिन दो किलोमीटर चलकर स्कूल जाती है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए उसके वीडियो ने पूरे जिले में जागरूकता और सहानुभूति का माहौल बना दिया है।
मदद के नाम पर मिली निराशाजनक ट्राइसाइकिल
जिला प्रशासन ने जब सोनी को ट्राइसाइकिल देने का प्रयास किया, तो वह सेकेंड हैंड जैसी टूटी-फूटी निकली। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरें दिखाती हैं कि उसकी ट्राइसाइकिल का हैंडल टूट चुका है, टायर फट चुके हैं और हवा भरना भी संभव नहीं है। इस मदद को देखकर लोग गुस्से में हैं, क्योंकि यह उसकी उम्मीदों के अनुरूप नहीं थी। जिला प्रशासन ने शुरुआत में उसकी मदद की, लेकिन अब यह उसकी परेशानी का कारण बन गई है।
प्रशासन की प्रतिक्रिया और वर्तमान स्थिति
गोपालगंज के डीएम पवन कुमार सिन्हा ने बताया कि सोनी के परिवार को सभी सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। वह सरकारी स्कूल में पांचवीं कक्षा पास कर चुकी है और राइट टू एजुकेशन के तहत प्राइवेट स्कूल में पहली कक्षा में दाखिला लिया है। उसकी उम्र 15 साल है, लेकिन उसके तीन अलग-अलग प्रमाण पत्रों में उम्र में भिन्नता है, जो चिंता का विषय है। ट्राइसाइकिल के वायरल वीडियो पर उन्होंने कहा कि अभी उसकी उम्र 18 साल नहीं है, इसलिए बैटरी से चलने वाली ट्राइसाइकिल नहीं दी जा सकती। इस स्थिति में परिवार और समुदाय दोनों ही उसकी शिक्षा और जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रयासरत हैं।










