मुंगेर में नकली सिगरेट बनाने और तस्करी का बड़ा खुलासा
बिहार के मुंगेर जिले में नकली सिगरेट के निर्माण और अवैध तस्करी का एक बड़ा मामला सामने आया है। पुलिस ने इस संदर्भ में कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस छापेमारी में पुलिस ने लाखों रुपये की नकदी, नकली सिगरेट से संबंधित सामग्री और हथियार भी जब्त किए हैं।
गिरोह का नेटवर्क और अवैध कारोबार का विस्तार
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और उड़ीसा जैसे राज्यों में अपने नेटवर्क का संचालन कर रहा था। लंबे समय से चल रहे इस अवैध कारोबार के कारण मुंगेर धीरे-धीरे नकली सिगरेट का केंद्र बनता जा रहा था। यह गिरोह सिगरेट बनाने से लेकर पैकिंग तक का काम करता था, और इसकी आपूर्ति कई राज्यों में फैली हुई थी।
गुप्त सूचना पर हुई कार्रवाई और बरामदगी
एसपी सैयद इमरान मसूद ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर सदर डीएसपी अभिषेक आनंद के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। टीम ने नयागांव में मो. अकबर के घर और गोदाम पर छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने 3800 खाली सिगरेट के डिब्बे, 900 पैकिंग पेपर, 17 रोल, 85 लाख 50 हजार रुपये नकद, चार देशी पिस्टल, 20 जिंदा कारतूस, दो बाइक और एक मोबाइल फोन जब्त किया। साथ ही, मो. अकबर के साथ जुड़े मो. मुक़ीर को भी गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने यह भी पता लगाया कि गिरफ्तार आरोपी मो. अकबर पिछले तीन वर्षों से मुंगेर में स्थित आईटीसी सिगरेट फैक्ट्री में वेंडर के रूप में काम कर रहा था। वह फैक्ट्री से कच्चा माल और पैकिंग का सामान बाहर निकालता था और अपने भाई मो. तौफीक की मदद से नकली सिगरेट का कारोबार चला रहा था। इस अवैध धंधे से दोनों भाइयों ने काफी रकम अर्जित की थी।
यह गिरोह न केवल बिहार के कई जिलों में बल्कि उड़ीसा में भी नकली सिगरेट की आपूर्ति कर रहा था। पुलिस की जांच अभी भी जारी है, और इस मामले में कुल 10 लोगों की संलिप्तता का पता चला है। साथ ही, हथियारों और नकली सिगरेट के कारोबार की भी जांच की जा रही है। इस पूरे मामले में संबंधित विभागों को सूचित कर कार्रवाई की जा रही है।










