बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान मोकामा में हत्या की घटना पर चुनाव आयोग का संज्ञान
बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार के बीच मोकामा में जन सुराज पार्टी के समर्थक और गैंगस्टर से नेता बने दुलारचंद यादव की हत्या की खबर ने राजनीतिक माहौल को हिला कर रख दिया है। इस घटना को लेकर निर्वाचन आयोग (ECI) ने तुरंत ही गंभीरता दिखाई है। आयोग ने बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) और पटना के जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO) से इस मामले की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
चुनाव आयोग ने निर्देश दिया है कि मोकामा में हुई इस हिंसक घटना की पूरी जांच कर रिपोर्ट तुरंत प्रस्तुत की जाए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि चुनावी प्रक्रिया के दौरान आचार संहिता का उल्लंघन नहीं हुआ है। आयोग का मानना है कि ऐसी घटनाएं न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करती हैं, बल्कि चुनावी माहौल को भी प्रभावित कर सकती हैं।
हत्या का घटनाक्रम और पुलिस की कार्रवाई
गुरुवार को मोकामा में जन सुराज पार्टी के प्रचार के दौरान गोलीबारी की घटना में दुलारचंद यादव की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, यादव को पहले पैर में गोली मारी गई और फिर एक वाहन ने उन्हें कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस जघन्य वारदात की जांच के लिए पटना (ग्रामीण) एसपी विक्रम सिहाग ने बताया कि एक मेडिकल बोर्ड गठित किया गया है, जिसकी निगरानी में पोस्टमार्टम किया गया है। साथ ही, घटना में शामिल संदिग्धों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन भी जारी है।
इस मामले में पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है, और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। राजनीतिक दलों ने भी इस घटना को गंभीरता से लेते हुए उच्चस्तरीय न्यायिक जांच की मांग की है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और चुनावी माहौल
इस घटना के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। आरजेडी प्रत्याशी वीणा देवी और उनके पति, पूर्व विधायक सूरजभान सिंह, ने शुक्रवार को यादव के परिवार से मुलाकात की और इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को इस घटना को गंभीरता से लेना चाहिए और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करनी चाहिए।
यह घटना चुनावी प्रक्रिया और कानून व्यवस्था दोनों के लिए एक बड़ा संकेत है। राजनीतिक दलों के बीच इस घटना को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं, और चुनाव आयोग की कार्रवाई पर भी सबकी नजरें टिकी हैं।











