दिवाली के बाद बिहार में वायु गुणवत्ता में गिरावट
दिवाली के अगले दिन बिहार के कई शहरों में वायु प्रदूषण का स्तर गंभीर हो गया है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, पटना सहित सात प्रमुख शहरों की वायु गुणवत्ता को ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज किया गया है। इन शहरों में पटना, हाजीपुर, सहरसा, समस्तीपुर, अररिया, पूर्णिया और बेगूसराय शामिल हैं।
प्रदूषण का स्तर और शहरों की स्थिति
21 अक्टूबर को CPCB की रिपोर्ट में हाजीपुर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 291 दर्ज किया गया, जो पूरे राज्य में सबसे अधिक प्रदूषित माना गया। इसके बाद सहरसा में 273, समस्तीपुर में 236, पटना में 226, अररिया में 222, पूर्णिया में 211 और बेगूसराय में 203 का आंकड़ा रहा। ये सभी आंकड़े ‘खराब’ श्रेणी में आते हैं, जिससे दीर्घकालिक प्रदूषण से सांस लेने में कठिनाई हो सकती है।
प्रदूषण की वर्तमान स्थिति और विशेषज्ञों की राय
बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (BSPCB) के अध्यक्ष देवेंद्र कुमार शुक्ला ने कहा है कि इस तरह की स्थिति असामान्य नहीं है। उन्होंने बताया कि पिछले साल दिवाली के बाद पटना का AQI 230 था, जबकि इस बार यह 226 रहा। उन्होंने यह भी दावा किया कि नियमों का सख्ती से पालन किया गया है और इस बार वायु गुणवत्ता पहले से बेहतर है।
दिवाली की रात शोर और प्रदूषण का स्तर
श्री शुक्ला ने बताया कि दिवाली की रात पटना के कुछ इलाकों में शोर प्रदूषण का स्तर भी सामान्य से अधिक पाया गया। BSPCB की टीम ने मिथापुर, दानापुर के DRM ऑफिस, गुलजारबाग स्थित महिला महाविद्यालय और कंकरबाग के BDO ऑफिस में मॉनिटरिंग की। रात के समय साइलेंट जोन में 40 डेसिबल की सीमा के मुकाबले 67.3 डेसिबल और रिहायशी इलाकों में 45 डेसिबल के मुकाबले 68.1 डेसिबल मापा गया।
कम हवा की रफ्तार और प्रदूषण में वृद्धि
विशेषज्ञों का मानना है कि दिवाली के बाद हवा की गति कम होने के कारण धुआं और धूल जमीन के पास ही जमा हो गए, जिससे वायु गुणवत्ता सूचकांक में गिरावट आई। वायु गुणवत्ता सूचकांक मुख्य रूप से आठ प्रदूषकों पर आधारित होता है, जिनमें PM2.5, PM10, नाइट्रोजन ऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड, ओज़ोन, कार्बन मोनोऑक्साइड, अमोनिया और सीसा शामिल हैं।










