बिहार चुनाव में योगी का तीखा हमला और विकास का संदेश
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिहार विधानसभा के दूसरे चरण के चुनाव के दौरान सीतामढ़ी की धरती से विपक्ष पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने परिहार और सुरसंड विधानसभा क्षेत्रों में आयोजित जनसभाओं में एनडीए प्रत्याशियों के समर्थन में जनता को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार की जनता अब पहचान के संकट से बाहर निकलकर विकास के विकल्प की ओर बढ़ रही है। योगी ने स्पष्ट किया कि जिन्होंने भगवान श्रीराम और माता जानकी की मर्यादा पर सवाल उठाए, उन्हें जनता अब सबक सिखाएगी, क्योंकि राम का नहीं, तो हमारे किसी काम का नहीं।
सीतामढ़ी की पावन भूमि का सम्मान और धार्मिक संबंध
सभा की शुरुआत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माता जानकी की जन्मभूमि सीतामढ़ी की पावन धरती को श्रद्धा से नमन किया। उन्होंने कहा कि यह वही भूमि है, जिसे भगवान श्रीराम के छोटे भाई लक्ष्मण के वंशजों ने सदियों तक संरक्षित किया। यह स्थान आस्था और मर्यादा का प्रतीक है, और इस भूमि का सम्मान हर भारतीय का सौभाग्य है। योगी ने बताया कि परिहार और गोरखपुर के बीच का धार्मिक और भावनात्मक रिश्ता सदियों पुराना है। यहां के लोग हर साल गोरखनाथ बाबा को खिचड़ी अर्पित करने आते हैं। गोरखपुर के बाजारों में भी सीतामढ़ी की पहचान स्पष्ट है, जो राम और जानकी की साझा विरासत का प्रतीक है।
बिहार में माफिया और विकास का नया दौर
योगी आदित्यनाथ ने बिहार की जनता से आह्वान किया कि अब समय आ गया है जब बिहार को माफिया राज से मुक्त किया जाए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में माफियाओं का अंत कर दिया गया है, और जैसे ही एनडीए की सरकार बिहार में बनेगी, खनदानी माफियाओं की उलटी गिनती शुरू हो जाएगी। बिहार के युवा अब विकास की राह पर आगे बढ़ेंगे और माफिया पस्त होंगे। योगी ने जनता से आग्रह किया कि भाजपा प्रत्याशी गायत्री देवी (परिहार) और जदयू प्रत्याशी नागेंद्र राउत (सुरसंड) को भारी मतों से विजयी बनाएं ताकि बिहार का विकास तेज़ी से हो सके।
मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि बिहार के नौजवानों को पहचान के संकट में डालने वाले वही लोग हैं, जिन्होंने बिहार को भ्रष्टाचार और अराजकता में धकेला। उन्होंने कहा कि बिहार के युवा अपनी प्रतिभा से देश और दुनिया में नाम कमा रहे हैं, लेकिन कांग्रेस और राजद ने उनकी मेहनत को बर्बाद कर दिया। अब जनता समझ चुकी है कि मोदीजी के उजाले और नीतीशजी के विकास में ही बिहार का भविष्य है।
राम मंदिर और भारत की आस्था का प्रतीक
सभा के दौरान योगी ने राम मंदिर के निर्माण पर विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और राजद ने हमेशा राम मंदिर के निर्माण का विरोध किया। वे कहते थे कि भगवान राम का अस्तित्व ही नहीं है। रथ यात्रा रोकी, रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं, लेकिन हमने कहा था ‘राम लला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे’ और आज अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो रहा है। यह हमारी आस्था का प्रतीक है। योगी ने यह भी बताया कि माता जानकी के धाम सीतामढ़ी में भी भव्य मंदिर का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है। उन्होंने कहा कि राम और जानकी के धामों को जोड़ने का काम सिर्फ एनडीए की सरकार ही कर सकती है, जो भारत की आत्मा को जोड़ती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जोड़ी ने बिहार और भारत का चेहरा बदल दिया है। आज हर जिले में मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज और आईटीआई खुल रहे हैं। सड़कें चमक रही हैं, गांव-गांव में बिजली पहुंच चुकी है, और हर घर में उजाला है। योगी ने कहा कि एनडीए सरकार ने बिना भेदभाव के हर गरीब तक योजनाओं का लाभ पहुंचाया है।
विपक्ष पर सीधा वार और बिहार का विकास
योगी आदित्यनाथ ने अपने भाषण में विपक्ष पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि जो राम का नहीं, वह हमारे किसी काम का नहीं। जिन्होंने भगवान श्रीराम के अस्तित्व को नकारा, माता जानकी का अपमान किया, उन्हें बिहार की जनता अब सबक सिखाएगी। जनता जातिवाद और तुष्टिकरण की राजनीति को नकार चुकी है। अब बिहार विकास चाहता है, भव्यता चाहता है, और एनडीए की सरकार ही उसे वह सब दे सकती है।










