चिराग पासवान का संकल्प: एनडीए की पूर्ण जीत का लक्ष्य
चिराग पासवान ने स्पष्ट किया कि उनका मुख्य उद्देश्य न केवल अपनी पार्टी बल्कि पूरे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की विजय सुनिश्चित करना है। उन्होंने विपक्षी महागठबंधन (RJD-Congress-Left) पर कटाक्ष करते हुए पूछा कि जब वे अपनी सीटों और उम्मीदवारों को लेकर ही उलझन में हैं, तो वे जनता के विकास के मुद्दों पर कैसे काम कर सकते हैं? यह बयान बिहार चुनाव के दौरान उनके मजबूत राजनीतिक दृष्टिकोण को दर्शाता है।
बिहार चुनाव में सीटों की स्थिति और कानूनी प्रक्रिया
उन्होंने बताया कि एक सीट को लेकर निर्वाचन आयोग के साथ चर्चा चल रही है, क्योंकि सीमा सिंह नामक उम्मीदवार के नामांकन पत्र तकनीकी त्रुटि के कारण खारिज कर दिए गए हैं। चिराग पासवान ने कहा, “यह पूरी तरह से मानवीय गलती थी, इसमें कोई राजनीतिक मकसद नहीं है। हम इस मामले में कानूनी विकल्पों का सहारा ले रहे हैं।” बिहार विधानसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्ट के लिए यहां क्लिक करें।
एनडीए की जीत के प्रति आशावाद और महागठबंधन पर तंज
चिराग पासवान ने कहा कि वे न केवल अपनी पार्टी बल्कि पूरे एनडीए गठबंधन की 100 प्रतिशत सफलता के लिए प्रयासरत हैं। उनका मानना है कि जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गठबंधन पर भरोसा बनाए हुए है। वहीं, उन्होंने विपक्षी महागठबंधन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जब वे अपनी सीटों और उम्मीदवारों को लेकर ही भ्रम में हैं, तो वे बिहार के विकास की योजनाएं कैसे बना सकते हैं? जनता भी इस सबको देख रही है और इस बार भी एनडीए के साथ है।
सकारात्मक सोच और युवा राजनीति का महत्व
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वे नतीजों को लेकर पूरी तरह आशावादी हैं और मानते हैं कि संघर्ष, विश्वास और सकारात्मक सोच से ही बड़ी जीत मिलती है। जब उनसे ‘बिहार फर्स्ट-बिहारी फर्स्ट’ और युवाओं की भूमिका के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि इसका मतलब है समग्र विकास। वे कहते हैं कि अन्य नेता केवल युवा मुद्दों को जाति के नजरिए से देखते हैं, जबकि उनका दृष्टिकोण व्यापक है।
उन्होंने ‘M-Y समीकरण’ का जिक्र करते हुए कहा कि ‘M’ का मतलब महिलाएं और ‘Y’ का अर्थ युवा है। उनका मानना है कि दोनों ही समान समस्याओं का सामना कर रहे हैं। वे ‘बिहार फर्स्ट-बिहारी फर्स्ट’ के विचार के साथ आगे बढ़ रहे हैं ताकि एक विकसित बिहार का सपना साकार किया जा सके।









