बिहार की राजनीति में मुख्यमंत्री पद को लेकर तेज हो रही जंग
बिहार की राजनीतिक हलकों में मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही चर्चाओं ने गर्माहट बढ़ा दी है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने फिर से स्पष्ट कर दिया है कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) में मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार केवल नीतीश कुमार ही हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि नीतीश कुमार पिछले दो दशकों से NDA के प्रमुख नेता हैं और भविष्य में भी उनका ही नेतृत्व रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में मुख्यमंत्री पद के लिए कोई रिक्ति नहीं है।
रविशंकर प्रसाद का मजबूत गठबंधन और विपक्ष पर निशाना
रविशंकर प्रसाद ने नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जोड़ी को मजबूत और अडिग बताया। उन्होंने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जो लोग बिहार को नया विजन देने का दावा कर रहे हैं, वे खुद ही 420 के आरोपी हैं। उन्होंने आरजेडी (RJD) को भ्रष्टाचार की पाठशाला करार देते हुए कहा कि लालू यादव का परिवार भ्रष्टाचार में डूबा हुआ है। वक्फ कानून को लेकर उन्होंने कहा कि यह कानून संसद द्वारा पारित है और इसे फाड़ना संविधान और संसद दोनों के खिलाफ है। यह कदम लोकतंत्र के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
महागठबंधन का दावा और एनडीए की अनिश्चितता
इसी बीच, महागठबंधन के नेता और मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने एनडीए पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि महागठबंधन का मुख्यमंत्री चेहरा स्पष्ट है, जबकि एनडीए की ओर से अभी तक कोई भी घोषणा नहीं हुई है। उन्होंने पूछा कि आखिर एनडीए का मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार कौन होगा। इस तरह की अनिश्चितता बिहार चुनाव की राजनीति में नई ज्वलंत बहस का कारण बन रही है।










