बिहार विधानसभा चुनाव की नामांकन प्रक्रिया शुरू
बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया जोरशोर से चल रही है। इस दौरान सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के घटक दलों ने सीट बंटवारे का फॉर्मूला तय कर लिया है। खास बात यह है कि बिहार एनडीए की सबसे बड़ी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपने सभी कोटे की सीटों के लिए उम्मीदवारों की सूची अंतिम रूप दे दी है।
बीजेपी की सीट शेयरिंग और संभावित उम्मीदवारों की चर्चा
सूत्रों के अनुसार, बीजेपी इस बार अपने 20 प्रतिशत विधायकों का टिकट काटने का निर्णय ले सकती है। इस फॉर्मूले के तहत पार्टी अपने कमजोर या विवादित विधायकों को चुनाव से बाहर कर सकती है। वहीं, इस बीच बिहार के एक विधायक ने अपने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है। पटना की कुम्हरार विधानसभा सीट से बीजेपी के विधायक अरुण कुमार सिन्हा ने सोशल मीडिया पर घोषणा की है कि वे इस बार चुनाव नहीं लड़ेंगे।
अरुण कुमार सिन्हा का चुनाव न लड़ने का फैसला और संगठन के प्रति प्रतिबद्धता
अरुण कुमार सिन्हा ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा है कि वे आगामी विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी के रूप में भाग नहीं लेंगे, लेकिन पार्टी के लिए कार्यरत रहेंगे। उन्होंने अपने संदेश में यह भी लिखा कि पिछले 25 वर्षों में जनता का जो विश्वास और सहयोग मिला, उसके लिए वे सदैव आभारी रहेंगे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे संगठन के प्रति पूरी निष्ठा से कार्य करते रहेंगे।
चुनाव से पहले ही टिकट कटने की चर्चाएं और नई संभावनाएं
अरुण कुमार सिन्हा के इस निर्णय के बाद कुम्हरार सीट पर नए उम्मीदवार के मैदान में आने का रास्ता साफ हो गया है। वे पिछले कई चुनावों से इस सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे थे। इस बीच, बीजेपी की 101 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम तय हो चुके हैं, जबकि कुछ सीटों पर अभी भी असमंजस बना हुआ है।
विवाद और नई उम्मीदें
बिहार में सीट बंटवारे को लेकर महागठबंधन में भी विवाद जारी है। घोसी सीट पर भाकपा माले ने अपने उम्मीदवार को मैदान में उतारा है। वहीं, चिराग पासवान की पार्टी ने 29 सीटें हासिल की हैं, लेकिन यह देखना दिलचस्प होगा कि उन्हें कितनी क्षेत्रीय स्वीकृति मिलती है। जेडीयू और बीजेपी के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर भी चर्चा जारी है।
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