भूमि विवादों के समाधान में सरकारी सुस्ती पर डिप्टी सीएम का गुस्सा
बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने शुक्रवार को भूमि संबंधी शिकायतों के निपटारे में हो रही देरी और लापरवाही पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उनके आवास पर आयोजित भूमि सुधार जनकल्याण संवाद के दौरान कई शिकायतें सामने आईं, जिनमें से एक ने उन्हें विशेष रूप से खफा कर दिया।
लंबित जमीन मामलों पर सख्त निर्देश और चेतावनी
शिकायतकर्ता विवेक ने बताया कि पटना के बल्लीपुर और गौरीचक क्षेत्र में पिछले छह महीनों से उनकी जमीन का म्यूटेशन नहीं हो पाया है, क्योंकि जमाबंदी का प्रकरण अभी तक पूरा नहीं हुआ है। अधिकारी और कर्मचारी लगातार आवेदन को टालते रहे, जिससे उपमुख्यमंत्री को गहरी नाराजगी हुई। सिन्हा ने तुरंत ही संबंधित अधिकारियों से पूछा कि इतने लंबे समय से क्यों मामला लंबित है। उन्होंने निर्देश दिया कि अगले एक सप्ताह में लंबित मामलों की विस्तृत सूची प्रस्तुत की जाए।
अधिकारियों को चेतावनी और कार्रवाई का संकेत
सिन्हा के कड़े तेवर देखकर मौजूद अधिकारियों में हड़कंप मच गया। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर सभी लंबित मामलों का समाधान नहीं किया गया, तो अगली बार किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा। उपमुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जमीन से जुड़े विवादों को जानबूझकर लटकाना अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि शिकायतों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने की प्रवृत्ति को तुरंत बंद किया जाए। साथ ही, फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन की खरीद-फरोख्त करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का संकेत भी दिया। सभी जिलाधिकारियों को दोषियों की रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए गए हैं।











