बिहार में बालू खनन पर कड़ी कार्रवाई का अभियान शुरू
बिहार सरकार ने अवैध बालू खनन और बालू माफिया के खिलाफ सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। इस दिशा में सरकार ने एक व्यापक रणनीति तैयार की है, जिसमें गृह मंत्री का पदभार संभालने के बाद से ही तेजी से कार्रवाई शुरू हो गई है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रियता में स्पष्ट सुधार देखा जा रहा है। खासतौर पर अपराधियों, बालू माफिया और भू-माफियाओं के खिलाफ अब सरकार ने प्रभावी कदम उठाने का मन बना लिया है।
अवैध बालू खनन के खिलाफ विशेष टास्क फोर्स का गठन
बालू के अवैध खनन और माफिया गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए आर्थिक अपराध इकाई (EOU) में एक स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इस टीम का नेतृत्व डीआईजी (Deputy Inspector General) डॉ. मानवजीत सिंह ढिल्लो कर रहे हैं। इस टास्क फोर्स का मुख्य उद्देश्य अवैध बालू खनन से जुड़े मामलों में कड़ी कानूनी कार्रवाई करना, दोषियों की पहचान करना और उनकी अवैध संपत्तियों की वित्तीय जांच कर जब्त करना है।
टीम में शामिल अधिकारी और अभियान का व्यापक स्वरूप
इस विशेष टास्क फोर्स में आर्थिक अपराध इकाई के एक एसपी ( Superintendent of Police) के साथ चार डीएसपी (Deputy Superintendent of Police) स्तर के अधिकारी और पांच पुलिस इंस्पेक्टर शामिल हैं। यह टीम न केवल बालू और भू-माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करेगी, बल्कि विशेषज्ञ एजेंसियों, संबंधित विभागों और जिला प्रशासन के साथ मिलकर समन्वय स्थापित कर अभियान चलाएगी। इससे अवैध खनन और माफिया गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने की उम्मीद है।











