बिहार में राज्यसभा चुनाव की जंग तेज, उम्मीदवारों का नाम अभी नहीं तय
बिहार की पांच राज्यसभा सीटों पर होने वाले चुनाव के अंतिम दिन गुरुवार को नामांकन का दौर समाप्त हो रहा है, लेकिन अभी तक किसी भी राजनीतिक दल ने अपने उम्मीदवारों के नाम का आधिकारिक ऐलान नहीं किया है। विधायकों की संख्या के आधार पर चार सीटें आसानी से एनडीए (NDA) की झोली में जा सकती हैं, फिर भी उसकी नजर पूरी पांचों सीटें जीतने पर है। एनडीए के घटक दल जेडीयू (JDU) से लेकर चिराग पासवान की एलजेपी (LJP R) तक पूरे दमखम से क्लीन स्वीप का दावा कर रहे हैं, लेकिन क्या यह संभव है? इस सवाल का जवाब अभी भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
राज्यसभा चुनाव में विपक्षी दलों की रणनीति और तेजस्वी यादव की संभावित भागीदारी
राज्यसभा चुनाव में संख्या के खेल में पिछड़ने के बावजूद आरजेडी (RJD) ने अपने उम्मीदवार उतारने का फैसला किया है। पार्टी का लक्ष्य है कि विपक्ष के सभी दलों को एकजुट कर चुनाव जीत लिया जाए। हालांकि, आरजेडी ने अभी तक अपने उम्मीदवार का नाम घोषित नहीं किया है, लेकिन चर्चा है कि तेजस्वी यादव खुद इस चुनाव में भाग ले सकते हैं। वहीं, एनडीए भी पांचवीं सीट पर अपने उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रहा है। जेडीयू (JDU) के बाद चिराग पासवान ने भी कहा है कि एनडीए इस बार सभी पांच सीटें जीतने का दावा कर रहा है। सवाल यह है कि चार सीटें तो एनडीए अपने दम पर जीत लेगा, लेकिन पांचवीं सीट जीतने के लिए उसे तीन अतिरिक्त विधायकों का समर्थन चाहिए, जो कैसे जुटाएगा? यह सवाल राजनीतिक विश्लेषकों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
राज्यसभा चुनाव का गणित और संभावित समीकरण
बिहार में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए कम से कम 41 विधायकों का प्रथम वरीयता के आधार पर वोट जरूरी है। विधानसभा में विधायकों की कुल संख्या देखें तो एनडीए के पास 202 विधायक हैं, जबकि महागठबंधन (Mahagathbandhan) के पास 35 वोट हैं। इसके अतिरिक्त पांच विधायक AIMIM (All India Majlis-e-Ittehadul Muslimeen) और एक बसपा (BSP) का विधायक है। एनडीए अपने 202 विधायकों के बल पर और 41 वोटों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए चार सीटें आसानी से जीत सकता है। इसके बाद उसके पास 38 सीटें बचेंगी, और पांचवीं सीट जीतने के लिए उसे तीन अतिरिक्त विधायकों का समर्थन चाहिए। गणितीय दृष्टिकोण से जेडीयू और बीजेपी (BJP) के खाते में दो-दो सीटें तय हैं, जबकि पांचवीं सीट का मुकाबला दिलचस्प हो सकता है।









