बिहार में राज्यसभा चुनाव की राजनीतिक जंग तेज
बिहार में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है। राजद ने अपने सीमित विधायकों के बावजूद चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है, जिससे एनडीए की पांचों सीटें जीतने की रणनीति को चुनौती मिल रही है। इस बीच, एआईएमआईएम और अन्य दलों के रुख पर सभी की नजरें टिकी हैं, जबकि एनडीए अपनी जीत को लेकर पूरी तरह आश्वस्त दिख रहा है।
विधानसभा में सीटों का समीकरण और दलों की रणनीति
सूत्रों के अनुसार, बिहार विधानसभा में राजद के पास वर्तमान में 25 विधायक हैं। महागठबंधन के सहयोगी दल कांग्रेस और वामपंथी दलों का समर्थन मिलने पर यह संख्या बढ़कर 35 हो जाती है, जो कि एक सीट जीतने के लिए जरूरी संख्या से लगभग छह कम है। इसके बावजूद, राजद एक सीट पर चुनाव लड़ने का मन बना रहा है और उसे एआईएमआईएम तथा बसपा के समर्थन की उम्मीद है। हालांकि, दोनों दलों ने अभी तक स्पष्ट समर्थन का संकेत नहीं दिया है।
आगामी चुनाव और दलों की संभावित जीत का अनुमान
इस महीने होने वाले चुनाव में कुल पांच सीटों पर मतदान होना है, जिनमें से तीन सीटें वर्तमान में एनडीए के पास हैं और दो सीटें राजद के पास। एनडीए के पास विधानसभा में 202 विधायक हैं और वह सभी पांच सीटें जीतने का भरोसा जता रहा है। जेडीयू की दो सीटें बरकरार रहने की संभावना है, जबकि भाजपा दो सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार सकती है। वहीं, लोजपा (रामविलास) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा है कि यदि राजद चुनाव लड़ना चाहता है तो वह स्वतंत्र है, लेकिन उनकी हार तय मानी जा रही है। उन्होंने दावा किया कि एनडीए इन सभी पांच सीटों पर विजय प्राप्त करेगा। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 6 मार्च है, और अब सभी दल उम्मीदवारों की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं।









