बिहार में नीतीश कुमार की विरासत को लेकर बढ़ती चर्चा
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की उम्र और स्वास्थ्य को लेकर चल रही अटकलों के बीच जनता दल यूनाइटेड (JDU) में उनके पुत्र निशांत कुमार को संगठन में सक्रिय करने की मांग तेज हो गई है। पार्टी के अंदर एक बड़ा समूह निशांत को नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक और अनिवार्य मान रहा है। इस संदर्भ में आगामी मार्च में दिल्ली में होने वाली पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में निशांत को महत्वपूर्ण पद देने की चर्चा जोर पकड़ रही है।
पार्टी में निशांत की भूमिका और राजनीतिक संभावनाएं
पार्टी के सूत्रों के अनुसार, निशांत को राष्ट्रीय कार्यकारिणी का सदस्य बनाने या उन्हें महासचिव पद पर नियुक्त कर पूरे बिहार का दौरा कराने के विकल्पों पर विचार-विमर्श चल रहा है। हालांकि, नीतीश कुमार हमेशा परिवारवाद के विरोधी रहे हैं और उन्होंने 2025 के चुनाव में निशांत को चुनाव लड़ाने से मना कर दिया था। फिर भी, पार्टी को एकजुट रखने के लिए अब निशांत का नाम सबसे आगे है, क्योंकि वह पार्टी के उत्तराधिकारी के रूप में देखे जा रहे हैं।
युवा कार्यकर्ताओं में निशांत को लेकर उत्साह और राजनीतिक संकेत
बिहार के युवा और जेडीयू कार्यकर्ताओं में निशांत कुमार को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है। पटना की सड़कों पर ‘नीतीश सेवक, मांगे निशांत’ जैसे पोस्टर और बैनर इस बात का प्रमाण हैं। जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने भी माना है कि कार्यकर्ता निशांत को पार्टी में देखना चाहते हैं। पिछले साल नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण समारोह में निशांत की उपस्थिति ने उनके सक्रिय राजनीति में आने के संकेतों को मजबूत किया है।









