बिहार के मुंगेर में परिवारिक त्रासदी का दिल दहला देने वाला घटनाक्रम
बिहार के मुंगेर जिले के लल्लू पोखर मोहल्ले में मंगलवार को एक अत्यंत दुखद घटना हुई, जिसने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया। इस मोहल्ले के प्रतिष्ठित अधिवक्ता और लॉ कॉलेज के पूर्व प्रोफेसर विश्वनाथ सिंह की 82 वर्षीय पत्नी अहिल्या देवी का सोमवार दोपहर निधन हो गया। उनके निधन के बाद परिवार के सभी सदस्य शोकाकुल होकर एकत्रित हो गए। अंतिम संस्कार की तैयारियों के बीच, जब शव यात्रा निकलने ही वाली थी, उसी समय उनके पति विश्वनाथ सिंह ने भी अपने जीवन का अंत कर लिया।
परिवार में एक साथ हुई दो मौतें, शोक की लहर फैल गई
मृत्यु के तुरंत बाद, परिवार में मातम छा गया और पूरे घर में शोक की लहर दौड़ गई। विश्वनाथ सिंह की मौत की खबर सुनते ही आसपास के लोग और न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता उनके अंतिम दर्शन के लिए उनके घर पहुंचे। उन्होंने परिवार को सांत्वना दी और इस दुखद घड़ी में उनका साथ निभाया। विश्वनाथ सिंह मुंगेर के जाने-माने वकील और पूर्व प्रोफेसर थे, जिन्होंने अपने जीवनकाल में न्यायालय में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। उनकी शादी भागलपुर जिले के शाहपुर की रहने वाली अहिल्या देवी से 1961 में हुई थी। उनके परिवार में तीन पुत्री और तीन पुत्र हैं, जिनमें से सभी की शादी हो चुकी है। उनके बड़े पुत्र शैलेश कुमार शिक्षक हैं, दूसरे विभेश कुमार वकील हैं और राकेश कुमार बैंक से रिटायर हो चुके हैं।
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मंगलवार को, जब परिवार के सदस्य अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे, तभी अचानक विश्वनाथ सिंह का निधन हो गया। उनके निधन के बाद, पूरे परिवार का मन टूट गया और वे शोक में डूब गए। परिवार के सदस्य विभेश कुमार ने बताया कि उनकी मां की मौत के तुरंत बाद ही उनके पिता का निधन हो गया। अब दोनों का शव एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस दुखद घटना के बाद, अधिवक्ता संजय कुमार सिंह और पीयूष कुमार ने कहा कि विश्वनाथ सिंह हमारे गुरु थे, जिन्होंने हमें शिक्षा दी और न्यायालय में हमारा मार्गदर्शन किया। उनकी मौत ने पूरे क्षेत्र को गहरे सदमे में डाल दिया है।










