बिहार के मोकामा से जेडीयू विधायक का महादंगल आयोजन
बिहार के मोकामा से जेडीयू के बाहुबली विधायक अनंत कुमार सिंह, जेल से जमानत मिलने के बाद से ही चर्चा का विषय बने हुए हैं। अनंत सिंह और उनके पुराने दुश्मन विवेका पहलवान के बीच की अदावत काफी प्रसिद्ध थी, जिसमें दोनों ने कई बार जानलेवा गोलियां तक चलाईं। लेकिन समय के साथ परिस्थितियों में बदलाव आया और अब अनंत सिंह अपने सबसे बड़े शत्रु विवेका पहलवान के नाम पर महादंगल का आयोजन कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर का महादंगल और उसकी विशेषता
हाल ही में नदवां गांव में आयोजित इस महादंगल का आयोजन विवेका पहलवान की पहली पुण्यतिथि पर किया गया है। इस आयोजन में भारत के साथ-साथ विदेशों से भी प्रसिद्ध पहलवान भाग ले रहे हैं। खास बात यह है कि ईरान, जॉर्जिया जैसे देशों के कुश्ती के दिग्गज भी इस महादंगल में हिस्सा लेंगे। पटना जिले के बाढ़ क्षेत्र के नदवां गांव में बनाए गए विशेष अखाड़े में लाल मिट्टी का प्रयोग किया गया है, जिसमें हल्दी, नीम और सरसों का तेल मिलाया गया है। यह सब इस बात का संकेत है कि यह आयोजन पूरी तरह से अंतरराष्ट्रीय स्तर का है।
विवेका पहलवान और अनंत सिंह की पुरानी दुश्मनी का अंत
विवेका पहलवान का नाम कुश्ती की दुनिया में बहुत प्रसिद्ध है, जिन्होंने बिहार केसरी का खिताब भी जीता है। उनके भाई अरविंद भी एक नामी पहलवान हैं। दोनों का घर मोकामा और बाढ़ के टाल इलाके में है, और दोनों रिश्ते में चाचा-भतीजे हैं। लेकिन वर्चस्व की लड़ाई ने इन दोनों के बीच हिंसक संघर्ष को जन्म दिया। दोनों के बीच कई बार गोलियां चलीं और हिंसक झड़पें हुईं। एक बार तो विवेका पहलवान ने अनंत सिंह के सीने में कई गोलियां दाग दी थीं, लेकिन किस्मत ने अनंत सिंह को बचा लिया।
यह दुश्मनी तब और गहरी हो गई जब अनंत सिंह के बड़े भाई दिलीप सिंह की हत्या विवेका पहलवान पर आरोपित हुई। इसके बाद दोनों के बीच संघर्ष और भी बढ़ गया। 2009 में अनंत सिंह पर हमला हुआ, जिसमें उन्हें 8 से 10 गोलियां लगीं। उस समय वह बाल-बाल बच गए थे।
हालांकि, वक्त के साथ दोनों के बीच संबंधों में सुधार आया। मुंगेर के सांसद ललन सिंह की मध्यस्थता में दोनों के बीच पुरानी दुश्मनी खत्म हो गई। अब जब विवेका पहलवान का निधन 2025 में दिल का दौरा पड़ने से हो गया, तो अनंत सिंह ने उनके नाम पर महादंगल का आयोजन किया है, जिसमें देश-विदेश के पहलवान भाग लेंगे।











