बिहार विधानसभा चुनाव के सीट बंटवारे पर अंतिम निर्णय की प्रक्रिया
बिहार विधानसभा चुनाव के लिए सीटों के वितरण को लेकर शनिवार को दिल्ली में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, बिहार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल और गठबंधन के अन्य सहयोगी शामिल थे। बैठक का मुख्य उद्देश्य सीटों का फॉर्मूला तय करना था, जो लगभग आठ घंटे चली।
गठबंधन सहयोगियों के बीच मतभेद और नाराजगी के संकेत
सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में सहयोगियों के बीच मतभेद भी उभर कर सामने आए। खासतौर पर जीतनराम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) ने अपनी नाराजगी जाहिर की। मांझी की पार्टी कम से कम 15 सीटों की मांग कर रही है, जबकि पार्टी को केवल 7-8 सीटें ही प्रस्तावित की गई हैं। इस असंतोष के कारण मांझी जल्द ही कोई बड़ा निर्णय ले सकते हैं। यदि बातचीत सफल नहीं होती है, तो वे स्वतंत्र रूप से 15 से 20 सीटों पर चुनाव लड़ने का विकल्प चुन सकते हैं।
चिराग पासवान की पार्टी का रुख और केंद्रीय नेतृत्व की घोषणाएं
इसी बीच, चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) भी सीटों के बंटवारे को लेकर असंतुष्ट है। पार्टी ने सार्वजनिक रूप से किसी भी मतभेद से इनकार किया है, लेकिन अंदरखाने वह अधिक सीटों की मांग कर रही है। पार्टी के कुछ सदस्यों का दावा है कि वे 25 या उससे अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छा रखते हैं। वहीं, बिहार भाजपा के अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा कि बैठक के बाद पार्टी का केंद्रीय नेतृत्व रविवार को सीटों का फॉर्मूला और टिकट वितरण की महत्वपूर्ण घोषणाएं करेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सभी मतभेदों को खारिज किया गया है और सब कुछ ठीक है।










