बिहार विधानसभा चुनाव में सम्राट चौधरी का चुनावी हलफनामा
बिहार में विधानसभा चुनाव का दौर शुरू हो चुका है, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने तारापुर विधानसभा सीट से अपना नामांकन दाखिल किया है। अपने चुनावी हलफनामे (Form 26) में उन्होंने अपनी सम्पत्तियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया है। इस दस्तावेज के अनुसार, सम्राट चौधरी के पास करोड़ों रुपये की संपत्ति है, जिसमें भूमि, सोना, निवेश, वाहन और बैंक खातों में जमा राशि शामिल हैं।
संपत्ति का विस्तृत ब्यौरा और वित्तीय स्थिति
हलफनामे के मुताबिक, सम्राट चौधरी ने अपनी चल संपत्ति के रूप में बैंक खातों, नकद, बीमा निवेश, आभूषण और वाहनों का उल्लेख किया है। उनके परिवार के पास कुल नकद राशि 171550 रुपये है, जिसमें खुद सम्राट चौधरी के पास 13500 रुपये और उनकी पत्नी के पास 35000 रुपये हैं। उनके बैंक खातों में जमा कुल राशि 27 लाख रुपये से अधिक है।
सम्राट चौधरी और उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर अलग-अलग बैंकों में लगभग 27 लाख रुपये की जमा पूंजी है। उनके पास 20 लाख रुपये का सोना है, जबकि उनकी पत्नी के पास भी 20 लाख रुपये का सोना है। इसके अतिरिक्त, उनके पास करीब 75 हजार रुपये की चांदी भी है। उनकी पत्नी का नाम कुमारी ममता है, जो वकील हैं।
उनके निवेश की बात करें तो, उनके पास शेयर, बॉन्ड और म्यूचुअल फंड में लगभग 32 लाख रुपये का निवेश है। इसके अलावा, उन्होंने एलआईसी में 8 लाख रुपये, PPF में 9 लाख रुपये और एसबीआई लाइफ में 1.50 लाख रुपये का निवेश किया है। उनके पास एक मात्र Bolero Neo कार है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 7 लाख रुपये है। इस तरह, सम्राट चौधरी के परिवार की कुल चल संपत्ति लगभग 1.98 करोड़ रुपये है।
अचल संपत्ति और अन्य संपत्तियों का विवरण
अचल संपत्ति के संदर्भ में, सम्राट चौधरी के पास मुंगेर जिले के लखनपुर और पटना में कई आवासीय और कृषि भूमि है। उनकी पत्नी के नाम पर भी कृषि भूमि और मकान हैं, जिनकी कीमत करोड़ों में है। हलफनामे के अनुसार, उनकी कुल अचल संपत्ति लगभग 9.30 करोड़ रुपये की है। इस प्रकार, उनकी कुल संपत्ति 11 करोड़ रुपये से अधिक है।
उन्होंने यह भी बताया है कि उनके ऊपर कोई बड़ा कर्ज या आपराधिक मामला लंबित नहीं है। राजनीतिक जीवन के साथ-साथ, सम्राट चौधरी कृषि कार्यों में भी सक्रिय हैं। उनकी शैक्षणिक योग्यता में डॉक्टरेट ऑफ लिटरेचर (मानद) और पीएफसी कामराज विश्वविद्यालय का नाम शामिल है।
अपने हलफनामे में उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफार्म जैसे X (Twitter), Facebook, Instagram और YouTube की भी जानकारी दी है।









