बिहार कांग्रेस में चुनावी हार के बाद आंतरिक संघर्ष का दौर
बिहार विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद कांग्रेस पार्टी के अंदरूनी माहौल में तनाव और असंतोष बढ़ता जा रहा है। हार के परिणामस्वरूप पार्टी नेतृत्व ने सख्त कदम उठाते हुए उन नेताओं के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है, जिन पर चुनाव के दौरान पार्टी को नुकसान पहुंचाने का आरोप है। यह कदम पार्टी की एकजुटता और अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है।
बिहार कांग्रेस ने बागी नेताओं को नोटिस जारी कर दी चेतावनी
बिहार कांग्रेस ने उन 36 बागी नेताओं को शो-कॉज नोटिस भेजा है, जिन्होंने टिकट वितरण को लेकर नाराजगी दिखाते हुए पार्टी के उम्मीदवारों के खिलाफ बयानबाजी की। इन नेताओं पर आरोप है कि उन्होंने बिना किसी ठोस सबूत के टिकट बिकने जैसे गंभीर आरोप लगाए और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर बेबुनियाद आरोप लगाए। इन नेताओं को अब निलंबित या पार्टी से निष्कासित करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
आरोपों का सामना करने के लिए सबूत जरूरी, कार्रवाई तय
पार्टी ने स्पष्ट किया है कि जिन नेताओं पर आरोप लगाए गए हैं, उन्हें अपने आरोपों का समर्थन करने के लिए मजबूत सबूत पेश करने होंगे। यदि ऐसा नहीं किया गया, तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले भी कांग्रेस ने छह नेताओं को पार्टी से बाहर कर दिया है, जिनमें रंजन कुमार राजन, शकीलुर रहमान, बांका की जिला अध्यक्ष कंचना सिंह और अन्य शामिल हैं।
आंतरिक लोकतंत्र और संगठनात्मक कदम
एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी में हमेशा से ही आंतरिक लोकतंत्र का पालन रहा है, और नेताओं को अपनी बात रखने का अधिकार है। लेकिन चुनाव के दौरान मीडिया और सोशल मीडिया में व्यक्तिगत नाराजगी और शिकायतें सार्वजनिक करना अनुशासनहीनता है। कुछ नेताओं ने संगठनात्मक गतिविधियों में हिस्सा लेकर अपने मनोबल को बनाए रखने की कोशिश की है, लेकिन पार्टी का संदेश स्पष्ट है कि जो भी पार्टी हितों को नुकसान पहुंचाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।
केंद्रीय स्तर पर भी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी
बिहार कांग्रेस के कई सदस्यों के साथ-साथ सात अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) नेताओं की फाइलें केंद्रीय अनुशासन समिति को भेज दी गई हैं। इन नेताओं में अंबिका सोनी, तारिक अनवर जैसे वरिष्ठ नेता शामिल हैं। यदि इन नेताओं को दोषी पाया गया, तो उनके निलंबन या निष्कासन की संभावना है। पार्टी का यह कदम संगठन में अनुशासन और एकता बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।











