बिहार विधानसभा चुनाव में जीतन राम मांझी की पार्टी का प्रदर्शन और हार का कारण
बिहार विधानसभा चुनाव में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (Hindustani Awaam Morcha) ने इस बार छह सीटों पर चुनाव लड़ा, जिनमें से पांच पर सफलता हासिल की। हालांकि, एक सीट पर उसकी हार हुई, जो टिकारी विधानसभा सीट थी। इस सीट से पार्टी के उम्मीदवार अनिल कुमार 2058 वोटों से चुनाव हार गए।
2020 के विधानसभा चुनाव में अनिल कुमार ने टिकारी सीट से पुनःगणना के बाद 2630 वोटों से जीत दर्ज की थी। हाल ही में जीतन राम मांझी ने इस हार को लेकर एक अजीबोगरीब दावा किया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
2020 के चुनाव में अनिल कुमार की जीत और इस बार हार का रहस्य
गौरतलब है कि 2020 के विधानसभा चुनाव में अनिल कुमार ने टिकारी सीट पर पुनःगणना के बाद 2630 वोटों से जीत हासिल की थी। लेकिन इस बार वह केवल 1600 वोटों से हार गए। जीतन राम मांझी ने इस हार का कारण बताते हुए कहा कि जब अनिल कुमार चुनाव हार रहे थे, तब उन्होंने मुझसे संपर्क किया था और जीतने के लिए मदद मांगी थी।
मांझी ने कहा, “अगर वह मुझसे कहते, जैसा उन्होंने 2020 में कहा था कि वह हार रहे हैं, तो मैं जरूर प्रयास करता। उस समय वह 2700 वोटों से पीछे थे, और इस बार केवल 1600 वोटों से हार रहे थे।” उन्होंने आगे कहा कि उनके प्रत्याशी ने मैदान छोड़ दिया, जबकि उस समय वह घर पर थे।
मांझी का दावा: चुनाव में मदद करने का वादा और हार का कारण
मांझी ने बताया कि 2020 में उनके प्रत्याशी अभिषेक सिंह (Tripura में पोस्टेड) ने फोन कर कहा था कि वह 2700 वोटों से पीछे थे, और उन्होंने जीतने में मदद की। लेकिन इस बार जब वह केवल 1600 वोटों से पीछे थे, तो कोई मदद नहीं मिली। मांझी ने कहा, “मेरा दुर्भाग्य है, पता नहीं उनके दिमाग में क्या था। उन्होंने मुझसे बात भी नहीं की और मैदान छोड़कर भाग गए।”











