दरभंगा में बुजुर्ग मतदाताओं की राय और चुनावी धारणा
जैसे-जैसे बिहार विधानसभा चुनाव का समय नजदीक आ रहा है, मतदाताओं का रुख जानने के लिए आजतक की टीम ने दरभंगा के दोनार चौक पर पहुंचकर वरिष्ठ नागरिकों से सीधी बातचीत की। इस दौरान बुजुर्ग मतदाताओं ने अपने विचार खुलकर व्यक्त किए, जिससे स्पष्ट हुआ कि चुनावी समीकरणों में अनुभवी मतदाताओं का योगदान महत्वपूर्ण है।
बुजुर्ग मतदाताओं का सरकार के प्रति संतोष और अपेक्षाएं
दरभंगा के अधिकांश बुजुर्ग मतदाता वर्तमान मुख्यमंत्री नितीश कुमार की सरकार से संतुष्ट दिखाई दिए। उनका मानना था कि बिहार में अब तक आई सभी सरकारों में नितीश कुमार की सरकार सबसे बेहतर रही है। एक बुजुर्ग ने कहा कि सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सरकार ने उल्लेखनीय प्रगति की है। उन्होंने यह भी माना कि नितीश कुमार ने समाज के सभी वर्गों को ध्यान में रखते हुए योजनाएं लागू की हैं, जिससे राज्य की विकास दर तेज हुई है।
कुछ मतदाताओं की असंतुष्टि और बदलाव की चाह
हालांकि, कुछ वरिष्ठ नागरिकों ने वर्तमान सरकार से असहमति भी जताई। उनका कहना था कि हर सरकार अपने पहले कार्यकाल में अच्छा काम करती है, लेकिन बाद में वह ढर्रे पर आ जाती है। उन्होंने बदलाव की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि नए विचार और नई सोच के साथ बिहार का विकास संभव है। कुछ बुजुर्गों ने यह भी आरोप लगाया कि नितीश कुमार ने किसानों के लिए कोई बड़ा कदम नहीं उठाया है।
बुजुर्गों की विशेष मांग और राजनीतिक राय
दिलचस्प बात यह रही कि कई वरिष्ठ नागरिकों ने बुजुर्गों के लिए अलग मंत्रालय बनाने की मांग की। उनका तर्क था कि सरकार को बुजुर्गों की समस्याओं, स्वास्थ्य, पेंशन और सम्मानजनक जीवन के लिए विशेष व्यवस्था करनी चाहिए। साथ ही, जनसुराज पार्टी के नेता प्रशांत किशोर पर भी बुजुर्ग मतदाताओं ने अपनी राय व्यक्त की। कुछ ने उन्हें ‘वोटकटुआ’ कहा, तो कुछ ने कहा कि वे अत्यधिक महत्वाकांक्षी हैं।
चुनावी वादों और मतदाताओं की अपेक्षाएं
बुजुर्ग मतदाताओं ने यह भी कहा कि नेता चुनाव के दौरान बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन उनके वादों का कितना पालन होता है, यह देखने वाली बात होगी। कुल मिलाकर, इस बार भी बिहार के वरिष्ठ मतदाता अपने अनुभव और सोच के आधार पर वोट डालने की तैयारी में हैं। कुछ स्थिरता चाहते हैं, तो कुछ बदलाव की राह देख रहे हैं।









