बिहार विधानसभा चुनाव की अंतिम तैयारियां पूरी
बिहार विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। दूसरे चरण के लिए 122 सीटों पर नामांकन की अंतिम तिथि सोमवार को समाप्त हो गई, जबकि पहले चरण की 121 सीटों से नाम वापस लेने की अंतिम सीमा भी खत्म हो गई है। इस बार बिहार में मतदान का दूसरा चरण 11 नवंबर को होगा, और पहले चरण में मतदाता 6 नवंबर को अपने वोट डालेंगे। चुनाव परिणाम 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे।
झारखंड की प्रमुख पार्टी का चुनाव से बाहर रहना
इस बार बिहार चुनाव में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक बदलाव झारखंड (Jharkhand) से जुड़ा है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने इस बार बिहार विधानसभा चुनाव में भाग न लेने का फैसला किया है। हालांकि, इससे पहले 18 अक्टूबर को पार्टी ने छह सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया था, जिनमें जमुई, चकाई, धमदाहा, मनिहारी, पीरपैंती और कटोरिया शामिल हैं। लेकिन 20 अक्टूबर तक किसी भी उम्मीदवार की सूची जारी नहीं हुई, जिससे स्पष्ट हो गया कि इस बार JMM का कोई भी उम्मीदवार बिहार चुनाव मैदान में नहीं होगा।
राजनीतिक समीकरण और नामांकन वापसी का असर
बिहार में इस बार चुनाव दो चरणों में हो रहे हैं, जिसमें पहले चरण में 121 और दूसरे चरण में 122 सीटों पर मतदान होगा। कुल 243 सीटों में से 203 सामान्य, 38 अनुसूचित जाति (SC) और 2 अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित हैं। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में कुल 7.43 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें से लगभग 3.92 करोड़ पुरुष, 3.50 करोड़ महिलाएं और 1725 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं।
नामांकन की अंतिम तिथि के साथ ही कई बड़े नेताओं ने अपने नाम वापस ले लिए हैं। जन सुराज पार्टी के उम्मीदवारों में से कई ने चुनाव से हटने का फैसला किया है। प्रशांत किशोर की पार्टी के गोपालगंज, ब्रह्मपुर और दानापुर सीट के उम्मीदवारों ने अपना नामांकन वापस ले लिया है। वहीं, बीजेपी के बागी उम्मीदवारों ने भी अपने नाम वापस कर लिए हैं, जिनमें बक्सर के अमरेंद्र पांडे और पटना साहिब के शिशिर कुमार शामिल हैं।
राजनीतिक समीकरण में इन बदलावों ने चुनावी मुकाबले को और अधिक सख्त और मुकाबले को रोचक बना दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि इन नामांकन वापसी के फैसलों से चुनाव का स्वरूप और भी स्पष्ट हो गया है, और मुकाबला अब और अधिक कड़ा होगा।











