बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का विधानसभा में भाषण
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधानसभा में अपने 22 मिनट के भाषण में सरकार की प्रमुख उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि 24 नवंबर 2005 को पहली बार राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सरकार बनी थी, और तभी से राज्य में कानून का शासन स्थापित है। नीतीश कुमार ने यह भी बताया कि पिछले दो दशकों से बिहार के विकास के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने जनता का आभार व्यक्त किया कि उन्होंने चुनावों में उत्साहपूर्वक भाग लिया।
शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में प्रगति
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से शिक्षा और स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करने का उल्लेख किया। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के माध्यम से दो लाख अट्ठाईस हजार सरकारी शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। सरकार का निर्णय है कि नियोजित शिक्षकों को BPSC की परीक्षा नहीं देनी होगी, बल्कि मामूली परीक्षा पास करनी होगी। वर्तमान में केवल 77 हजार नियोजित शिक्षक ही शेष हैं, जिससे कुल शिक्षकों की संख्या पांच लाख बीस हजार हो गई है। साथ ही, बिहार में 27 जिलों में नए मेडिकल कॉलेज बनाए जा रहे हैं, जिनमें से जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। पटना के पीएमसीएच (PMCH) में पांच हजार चार सौ बेड का अस्पताल और IGIMS में तीन हजार बेड का अस्पताल निर्माणाधीन है।
आधुनिकीकरण, महिला सशक्तिकरण और भविष्य की योजनाएं
सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार में रोजगार, कृषि और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने बताया कि पांच घंटे के भीतर कहीं से भी पटना पहुंचने का लक्ष्य पूरा कर लिया गया है। 2008 में कृषि रोडमैप बनाकर कार्य शुरू किया गया, जिससे मछली उत्पादन में दो से ढाई गुना वृद्धि हुई है और बिहार अब मछली उत्पादन में आत्मनिर्भर बन चुका है। अब तक 40 लाख लोगों को रोजगार मिला है, और अगले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को नौकरी देने का लक्ष्य है।
उन्होंने यह भी बताया कि बिहार पुलिस में महिलाओं की संख्या देश में सबसे अधिक है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत एक करोड़ सत्तावन लाख महिलाओं को दस-दस हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है। इसके अलावा, उन्होंने घरेलू उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली और घरों पर सोलर पैनल लगाने की योजनाओं का भी जिक्र किया। सरकार ने मुस्लिम समुदाय के विकास के लिए भी कई कदम उठाए हैं, जिसमें मदरसों को सरकारी मान्यता देना शामिल है। उन्होंने केंद्र सरकार की आर्थिक सहायता के लिए प्रधानमंत्री मोदी का भी धन्यवाद किया और विपक्ष के विधायकों से सहयोग की अपेक्षा जताई।









