बिहार में महिला सुरक्षा के लिए नई पहल: पिंक पुलिस का गठन
बिहार में एनडीए सरकार ने महिलाओं की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उनकी कैबिनेट लगातार नए निर्णय ले रहे हैं, जिनमें सबसे चर्चा में है पिंक पुलिस टीम का गठन। यह टीम यूपी मॉडल पर आधारित है और अब पूरे बिहार में लड़कियों और महिलाओं की सुरक्षा की निगरानी करेगी।
सड़क पर महिला पुलिसकर्मियों की सक्रियता और सुरक्षा का बढ़ावा
डिप्टी सीएम और गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने आदेश देते हुए कहा कि बिहार की बेटियों की सुरक्षा में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इसके तहत 2000 स्कूटी खरीदी गई हैं, जिन पर महिला पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में गश्त करेंगी और मनचलों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई करेंगी। इस नई व्यवस्था का सबसे अधिक प्रभाव कॉलेज और स्कूल जाने वाली छात्राओं में देखा जा रहा है।
छात्राओं और अभिभावकों ने सरकार के कदम की सराहना की
आरा के महाराजा कॉलेज की छात्राओं ने इस फैसले पर खुशी जताते हुए कहा कि अब उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर अधिक भरोसा हो रहा है। पहले छोटी-छोटी घटनाएं भी डर पैदा करती थीं, लेकिन अब लगता है कि सरकार उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर है। छात्राओं ने कहा कि अब वे निर्भीक होकर पढ़ाई कर सकेंगी और अपनी जिंदगी का आनंद ले सकेंगी।
गांव से शहर पढ़ने आने वाली छात्राओं ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि पहले माता-पिता उन्हें रोज कॉलेज छोड़ने आते थे, लेकिन अब एंटी रोमियो स्क्वाड बनने से उनकी चिंता कम होगी और परिवार भी निश्चिंत रहेगा। वहीं, कॉलेज के छात्राओं ने भी इस कदम की प्रशंसा की और कहा कि जल्द से जल्द इस टीम को फील्ड में उतारा जाना चाहिए ताकि इसका प्रभाव दिख सके।
स्कूल और कॉलेज के अभिभावक भी इस नई पहल से खुश हैं। उनका मानना है कि पहले बच्चों को कॉलेज छोड़ने में काफी समय लगता था, लेकिन अब सुरक्षा का भरोसा बढ़ेगा। इस कदम से न केवल छात्राओं की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि माता-पिता की चिंता भी कम होगी। अंततः, यह स्पष्ट है कि बिहार सरकार का यह कदम महिलाओं की सुरक्षा के क्षेत्र में एक नई दिशा स्थापित करेगा, और पिंक पुलिस टीम की तैनाती से उम्मीद जगी है कि राज्य में सुरक्षा मानक बेहतर होंगे।











