बेगूसराय विधानसभा चुनाव का परिणाम और राजनीतिक परिदृश्य
बेगूसराय विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। इस बार राहुल गांधी ने मुकेश सहनी के साथ चुनावी सभा की और पोखर में मछली पकड़ने का अनूठा प्रचार भी किया। इसके बावजूद, कांग्रेस की उम्मीदवार अमिता भूषण लगभग 31,000 वोटों के अंतर से बीजेपी के कुंदन कुमार से हार गईं। इस परिणाम ने स्पष्ट कर दिया कि उच्च-प्रोफ़ाइल प्रचार भी बेगूसराय के मतदाताओं के रुख को नहीं बदल सका।
चुनावी आंकड़े और ऐतिहासिक राजनीतिक प्रभाव
बेगूसराय का राजनीतिक इतिहास काफी समृद्ध रहा है। इस सीट पर कुंदन कुमार ने 119000 से अधिक वोट प्राप्त किए, जबकि कांग्रेस की अमिता भूषण ने 88,000 से अधिक वोट ही हासिल किए। यह क्षेत्र 1970 और 1980 के दशक में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (CPI) का गढ़ माना जाता था। बिहार चुनाव की विस्तृत रिपोर्ट के लिए यहां क्लिक करें।
इतिहास में अब तक कांग्रेस ने आठ बार, बीजेपी ने छह बार, CPI ने तीन बार और एक बार स्वतंत्र उम्मीदवार भोला सिंह ने जीत हासिल की है। बेगूसराय विधानसभा सीट अपनी औद्योगिक महत्वता और राजनीतिक सक्रियता के कारण बिहार की राजनीति में अहम भूमिका निभाती रही है।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 का आयोजन और मतदान प्रक्रिया
बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 दो चरणों में संपन्न हुए। पहले चरण का मतदान 6 नवंबर 2025 को हुआ, जिसमें कुल 121 सीटों पर वोट डाले गए। इस चरण में मुख्य रूप से उत्तरी और पूर्वी जिलों की सीटें शामिल थीं। दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर 2025 को हुआ, जिसमें शेष 122 सीटों पर मतदान हुआ। इस चरण में दक्षिणी और मध्य बिहार की सीटें शामिल थीं।
दोनों चरणों के मतदान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, ईवीएम (Electronic Voting Machines) और मतदाता सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। इस तरह पूरे बिहार में दो चरणों में चुनाव संपन्न कराए गए, और मतदाताओं ने उत्साहपूर्वक अपने प्रतिनिधि चुनने के लिए मतदान किया। परिणाम 14 तारीख को घोषित किए गए।











