बिहार के अररिया में महिला के साथ धर्म परिवर्तन का मामला उजागर
बिहार के अररिया जिले से एक गंभीर और चौंकाने वाला मामला प्रकाश में आया है, जिसमें एक महिला ने आरोप लगाया है कि उसे कार से अगवा कर कई महीनों तक दिल्ली और बिहार के विभिन्न इलाकों में बंधक बनाकर रखा गया। पीड़िता ने नरपतगंज थाना क्षेत्र के पलासी गांव के मो. आलम सहित आठ व्यक्तियों पर जबरन मुस्लिम धर्म अपनाने के लिए शारीरिक और मानसिक यातनाएं देने का आरोप लगाया है।
महिला का आरोप और उसकी गिरफ्तारी के पीछे का घटनाक्रम
पीड़िता के अनुसार, उसे सबसे पहले भीमपुर और वीरपुर ले जाया गया, फिर सहरसा और अंततः दिल्ली में बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान उसे प्रताड़ित किया गया और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डाला गया। महिला ने बताया कि सीमा क्षेत्र में सक्रिय कुछ लोग जबरन धर्म परिवर्तन कराने के लिए काम कर रहे हैं। उसने यह भी आरोप लगाया कि उसके साथ जबरन संबंध बनाए गए और गाय का मीट खिलाया गया। इसके साथ ही उसे कलमा और नवाज पढ़ने का दबाव भी डाला गया। उसकी जिंदगियों को खतरे में डालते हुए उसके बच्चों को मारने की धमकियां दी गईं और उसके गहने भी जबरन ले लिए गए।
पीड़िता ने न्याय के लिए कोर्ट का रुख किया
आखिरकार, महिला अपने आरोपियों के चंगुल से निकलकर अपने पति के साथ अररिया पहुंची और सीधे कोर्ट में शिकायत दर्ज कराई। कोर्ट में उसने पूरी घटना का ब्योरा सुनाया और कहा कि कई महीनों की यातनाओं के बाद वह भागकर अपने पति के पास पहुंच सकी। कोर्ट ने इस मामले में FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। अधिवक्ता के. एन. विश्वास ने बताया कि महिला ने आठ व्यक्तियों पर अपहरण, प्रताड़ना और जबरन धर्म परिवर्तन का आरोप लगाया है। कोर्ट ने इस गंभीर मामले की जांच के आदेश देते हुए फारबिसगंज थानाध्यक्ष को प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू करने का निर्देश दिया है। महिला का कहना है कि वह चाहती है कि आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो ताकि भविष्य में किसी और महिला के साथ ऐसा न हो। इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय समुदाय में भी चर्चा का माहौल बन गया है।










