अमित शाह का सीमांचल दौरा: सुरक्षा और जनसांख्यिकीय बदलाव पर विशेष ध्यान
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 25 फरवरी को तीन दिवसीय यात्रा पर बिहार के सीमांचल क्षेत्र पहुंच रहे हैं। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य सीमा सुरक्षा और क्षेत्र में हो रहे जनसांख्यिकीय परिवर्तनों का जायजा लेना है। शाह का यह दौरा खासतौर पर सामरिक सुरक्षा के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि वह सीमांचल के बॉर्डर इलाकों में ही रहेंगे। इस दौरान वह कई बैठकें करेंगे, जिनमें घुसपैठ और अवैध धार्मिक निर्माण जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।
सीमांचल में सुरक्षा और जनसांख्यिकीय बदलाव की समीक्षा
यह पहली बार है जब केंद्रीय गृह मंत्री तीन दिनों तक सीमांचल क्षेत्र में रहेंगे। यह इलाका नेपाल सीमा से सटा हुआ है और सिलीगुड़ी (Chikan Neck) कॉरिडोर के पास भी स्थित है। शाह इन दिनों बिहार में हो रहे जनसांख्यिकीय बदलाव को लेकर विशेष ध्यान देंगे। वह अररिया, किशनगंज और पूर्णिया जैसे जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इन बैठकों में सीमा क्षेत्र में अवैध धार्मिक निर्माण को तोड़ने और घुसपैठियों की पहचान करने पर चर्चा होगी।
बॉर्डर सुरक्षा और अधिकारियों के साथ बैठकें
शाह सीमा सुरक्षा बल (SSB) के अधिकारियों के साथ भी बैठक करेंगे, जिसमें केंद्रीय गृह सचिव और IB के प्रमुख भी मौजूद रहेंगे। ये बैठक सीमांचल इलाके में हो रहे जनसांख्यिकीय बदलाव के कारणों और इन बदलावों को रोकने के उपायों पर केंद्रित होगी। शाह का यह दौरा सीमा सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अमित शाह 25 फरवरी को पूर्णिया पहुंचेंगे और उसी दिन किशनगंज भी जाएंगे। वह रात में किशनगंज में रुकेंगे और अगले दिन अररिया का दौरा करेंगे। 26 फरवरी को वह पूर्णिया लौट आएंगे। इसके बाद 27 फरवरी को वह पूर्णिया में सीमांचल के सभी जिलों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे।










