बिहार चुनाव के बीच पटना में राजनीतिक मंच का आयोजन
बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान पटना में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न दलों के नेता भाग ले रहे हैं। इस आयोजन का उद्देश्य बिहार की राजनीतिक स्थिति, मुस्लिम वोट बैंक और आगामी चुनाव की रणनीतियों पर चर्चा करना था। इस मंच पर भाजपा (BJP), जनता दल (यूनाइटेड) (JDU), और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया।
मुस्लिम वोट बैंक और राजनीतिक समीकरण
इस कार्यक्रम में पूर्व केंद्रीय मंत्री और आरजेडी नेता मोहम्मद अली अशरफ हाशमी ने कहा कि बिहार में मुस्लिम समुदाय का वोट भाजपा (BJP) को नहीं जाता, लेकिन उन्होंने इस बात को खारिज किया कि मुस्लिम वोटों का ध्रुवीकरण केवल एक पार्टी के पक्ष में है। हाशमी ने कहा कि उनके खुद के वोट गैर मुस्लिम समुदाय से अधिक हैं और उन्होंने यह भी दावा किया कि बिहार में मुस्लिम समुदाय ने कभी भी नीतीश कुमार (Nitish Kumar) को अस्वीकार नहीं किया है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में बिहार में राजनीतिक साझेदारी जनता के समर्थन से समाप्त हो रही है।
राजनीतिक दलों की रणनीतियों और चुनावी समीकरण
हाशमी ने भाजपा (BJP) पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे अपने सहयोगियों को ही निगल जाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जेडीयू (JDU) की पहले की नीति अब बदल गई है और अब पार्टी का दृष्टिकोण अलग हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार में मुस्लिम उम्मीदवारों की संख्या बढ़ेगी और पिछली बार की तुलना में अधिक टिकट दिए जाएंगे। उन्होंने यह भी दावा किया कि बिहार में पिछली बार 21-22 मुस्लिम उम्मीदवार मैदान में उतारे गए थे, और इस बार उससे भी अधिक उम्मीदवारों को टिकट मिलेगा।
बिहार के विकास और सामाजिक न्याय पर चर्चा
मोहम्मद अली अशरफ ने बिहार के विकास के दावों को खारिज करते हुए पूछा कि बिहार में सबसे अधिक बेरोजगारी और अशिक्षा क्यों है। उन्होंने सवाल किया कि बिहार से बाहर जाकर नौकरी करने वाले लोगों की संख्या क्यों अधिक है। उन्होंने यह भी कहा कि बिहार को 20 साल में एनडीए (NDA) सरकार ने क्या दिया है, यह भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि देश में विकास की गति मनमोहन सिंह (Manmohan Singh) के कार्यकाल में ही बढ़ी है।
उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान बिहार के लिए किए गए विकास कार्यों का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार बिहार को नीचे गिराने का प्रयास कर रही है। ओवैसी (Owaisi) फैक्टर पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि वे भाजपा (BJP) के मित्र हैं और सीमांचल में ओवैसी का प्रभाव है। साथ ही, उन्होंने भाजपा और एनडीए (NDA) सरकार की मुस्लिम समुदाय के लिए की गई योजनाओं का भी उल्लेख किया।










