बिहार विधानसभा में AIMIM विधायकों की मुख्यमंत्री से मुलाकात
बिहार की राजनीति में आज एक अनूठा दृश्य देखने को मिला जब AIMIM (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन) के पांच विधायकों ने विधानसभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी से औपचारिक मुलाकात की। इस प्रतिनिधिमंडल का मुख्य उद्देश्य सीमांचल क्षेत्र के विकास से जुड़ी समस्याओं को सरकार के समक्ष प्रस्तुत करना था। विधायकों ने स्पष्ट किया कि सीमांचल के जिलों में अभी भी सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि इन जिलों के लिए विशेष योजनाएं बनाई जाएं ताकि क्षेत्र का समान विकास सुनिश्चित हो सके।
विधायकों की मुलाकात और मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
मुलाकात के बाद AIMIM के विधायक मुर्शीद आलम ने मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार उनके राजनीतिक गुरु हैं और राजनीति में उन्हें आगे बढ़ाने में मुख्यमंत्री का बड़ा योगदान रहा है। मुर्शीद ने बताया कि 2014 में नीतीश कुमार ने ही उन्हें जेडीयू (Janata Dal United) में शामिल किया था और राजनीतिक कार्य करने का अवसर प्रदान किया। उन्होंने यह भी कहा कि भले ही वह अब AIMIM में हैं, लेकिन नीतीश कुमार का व्यक्तित्व और उनके कार्यशैली से प्रेरणा मिलती है। मुर्शीद ने यह भी बताया कि आज की मुलाकात का मुख्य उद्देश्य सीमांचल की समस्याओं को सीधे मुख्यमंत्री के समक्ष रखना था।
सीमांचल के विकास के लिए सरकार का आश्वासन और राजनीतिक महत्व
विधायकों ने डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी से भी मुलाकात की और उनसे आग्रह किया कि सीमांचल के विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए। यह कदम चुनावी माहौल में राजनीतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कई विश्लेषक इसे सीमांचल में अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति के रूप में देख रहे हैं। दूसरी ओर, बिहार सरकार ने भी आश्वासन दिया है कि क्षेत्र के विकास को प्राथमिकता दी जाएगी और संबंधित विभागों को जल्द ही आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे। इस मुलाकात को क्षेत्रीय राजनीति में एक नई दिशा के रूप में देखा जा रहा है।










