बिहार में नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक का महत्व
बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में नई एनडीए सरकार के गठन के बाद मंगलवार को पहली बार मंत्रिमंडल की बैठक होने जा रही है। यह बैठक न केवल सरकार की प्राथमिकताओं को तय करेगी, बल्कि चुनावी घोषणापत्र ‘संकल्प पत्र 2025’ के क्रियान्वयन को भी जमीन पर उतारने का संकेत दे सकती है। इस बैठक में सरकार अपने आगामी कार्यकाल के लिए रणनीति तय करेगी और विभिन्न योजनाओं को मंजूरी दे सकती है।
कैबिनेट की बैठक में प्रमुख एजेंडों पर चर्चा
इस बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा और कुल 26 मंत्रियों की उपस्थिति होगी। माना जा रहा है कि विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का प्रस्ताव भी इस बैठक में स्वीकृत हो सकता है। सरकार उन योजनाओं को प्राथमिकता दे सकती है, जिन्हें एनडीए ने अपने चुनावी अभियान के दौरान ‘पहले 100 दिनों’ के एजेंडे में शामिल किया था। इनमें युवाओं को रोजगार, महिलाओं के आत्मनिर्भरता कार्यक्रम और गरीबों के लिए पंचामृत योजना जैसी प्रमुख योजनाएं शामिल हैं।
सरकार के मुख्य फोकस और आगामी कदम
नीतीश सरकार की पहली बैठक में रोजगार सृजन, महिला स्वावलंबन और किसान हित से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता दी जा सकती है। एनडीए ने अपने चुनावी घोषणापत्र में एक करोड़ से अधिक नौकरियों का वादा किया था, जिसे पूरा करने के लिए नई भर्ती प्रक्रिया को तेज करने के संकेत मिल रहे हैं। इसके अलावा, महिला-केन्द्रित योजनाओं जैसे ‘मुख्यमंत्री महिला रोज़गार योजना’ पर भी चर्चा हो सकती है। साथ ही, किसानों के लिए एमएसपी गारंटी कानून और किसान सम्मान निधि बढ़ाने के कदम भी इस बैठक में तय हो सकते हैं।











