दिल्ली के लाल किले के पास ब्लास्ट की जांच में नए खुलासे
दिल्ली के लाल किले के पास हुए धमाके की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। जांच एजेंसियों ने अब उस स्थान की पहचान कर ली है, जहां बैठकर आतंकियों ने न केवल दिल्ली बल्कि उत्तर प्रदेश के कई शहरों में धमाके की साजिश रची थी। यह स्थान था फरीदाबाद (Faridabad) की अल-फलाह यूनिवर्सिटी (Al-Falah University) की बिल्डिंग नंबर 17, जिसे अब आतंकियों का बैठक स्थल माना जा रहा है।
आतंकियों का मुख्य मीटिंग पॉइंट और उसकी गतिविधियां
यह बिल्डिंग सामान्य दिखने वाली थी, लेकिन अंदर से यह आतंकियों का मुख्य केंद्र बन चुका था। पुलिस ने इस कमरे से कई डिजिटल उपकरण, पेन ड्राइव और लैपटॉप जब्त किए हैं। फोरेंसिक टीम ने यहां से कुछ रासायनिक पदार्थ भी बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल विस्फोटक बनाने में किया गया हो सकता है। जांच में पता चला है कि इस कमरे में बैठकर दिल्ली, लखनऊ (Lucknow), अयोध्या (Ayodhya) और अन्य शहरों में धमाके की योजना बनाई गई थी।
कमरे और लैब से मिली सामग्री और आगे की जांच
पुलिस ने इस बिल्डिंग के साथ ही यूनिवर्सिटी की फार्माकोलॉजी लैब को भी सील कर दिया है। यहां से कई बोतलें, टेस्ट ट्यूब और केमिकल सैंपल भी जब्त किए गए हैं। जांच में यह भी पता चला है कि इन केमिकल्स को फरीदाबाद के धौज (Dhauz) और टागा (Taga) गांव तक ट्रांसपोर्ट किया गया था। इन इलाकों में आतंकी मॉड्यूल की अस्थायी लैबें बनाई गई थीं, जहां विस्फोटक तैयार किए गए।
मेडिकल प्रोफेशनल्स और नेटवर्क का खुलासा
शाहीन शाहिद (Shahina Shahid) नाम की लखनऊ की मेडिकल प्रोफेसर इस पूरे नेटवर्क की मास्टरमाइंड मानी जा रही हैं। उसने 2002 में MBBS और 2006 में MD की डिग्री हासिल की थी। 2015 में तलाक के बाद उसकी मुलाकात फरीदाबाद के डॉक्टर मुजम्मिल (Mujammil) से हुई, जिन्होंने उसे अल-फलाह यूनिवर्सिटी में नौकरी दिलाई। इसके बाद उसकी पहचान जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed) से जुड़े लोगों से हुई। जांच में यह भी पता चला है कि शाहीन महिला आतंकी संगठन जमात-उल-मोमिनात (Jamaat-ul-Mumineen) की महिला कमांडर बन गई थी।
लखनऊ और अयोध्या के कनेक्शन और संदिग्ध मुलाकातें
जांच में यह भी सामने आया है कि शाहीन दो महीने पहले लखनऊ आई थी, जहां उसने कई संदिग्ध व्यक्तियों से मुलाकात की। इन लोगों में से कई अयोध्या (Ayodhya) भी गए थे। एजेंसियों का मानना है कि इन मुलाकातों का मकसद क्या था, यह अभी स्पष्ट नहीं है। लखनऊ लौटने के बाद शाहीन ने अपने भाई डॉ. परवेज (Parvez) के घर कुछ दिन बिताए। परवेज इंटीग्रल यूनिवर्सिटी (Integral University) में असिस्टेंट प्रोफेसर था, और अब वह भी जांच के घेरे में है।
परवेज की डिजिटल दुनिया और जांच की दिशा
एजेंसियों ने परवेज के घर से लैपटॉप, मोबाइल, टैबलेट और हार्ड डिस्क जब्त की हैं। इन उपकरणों से कई एन्क्रिप्टेड चैट और मेल मिले हैं। परवेज ने हाल ही में यूनिवर्सिटी से इस्तीफा दे दिया था, और शक है कि उसे पहले ही पता चल गया था कि सुरक्षा एजेंसियां उसकी जांच कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार, वह नेपाल के रास्ते देश छोड़ने की योजना बना रहा था, लेकिन उससे पहले ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
मददगार कौन हैं और नए नाम सामने आए
अब जांच में दो नए नाम तमीम कासिम (Tameem Qasim) और ताज (Taj) का भी जिक्र हो रहा है। तमीम एक धार्मिक संस्थान नदवा मदरसा (Nadwa Madarsa) से जुड़ा है, जबकि ताज परवेज का साला बताया जा रहा है। इन दोनों ने लखनऊ में परवेज की मदद की थी। एजेंसियों का मानना है कि इन नामों का मकसद क्या था, यह भी जांच का हिस्सा है। अब इन दोनों से भी पूछताछ की जाएगी ताकि यह पता चल सके कि इनका नेटवर्क में क्या रोल था।
उत्तर भारत में आतंक का जाल और जांच का विस्तार
दिल्ली के ब्लास्ट के बाद अब जांच की दिशा यूपी (UP) के कई शहरों जैसे सहारनपुर (Saharanpur), लखनऊ, कानपुर (Kanpur) और अयोध्या (Ayodhya) तक पहुंच गई है। इन शहरों में स्थानीय संपर्कों की भी जांच की जा रही है। सहारनपुर में हुई एक शादी में संदिग्ध लोगों की मौजूदगी और पोस्टर से इस नेटवर्क का खुलासा हुआ है।
मकसद और संगठन का संदर्भ
एजेंसियों का मानना है कि यह पूरा मॉड्यूल जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed) से प्रेरित था और दिल्ली सहित उत्तर भारत में श्रृंखलाबद्ध धमाकों की योजना थी। इस नेटवर्क ने मेडिकल प्रोफेशन का इस्तेमाल कर केमिकल, उपकरण और डिजिटल संचार का सहारा लिया। यह संगठन बहुत शिक्षित और संगठित था, जिसमें हर सदस्य के पास डॉक्टरी डिग्री और प्रोफेशनल पहचान थी, जिससे वे आसानी से शक से बच सकते थे।
देशभर में जारी छापेमारी और जांच का दायरा
सुरक्षा एजेंसियां अब अल-फलाह यूनिवर्सिटी, इंटीग्रल यूनिवर्सिटी (Lucknow) और प्रयागराज मेडिकल कॉलेज के रिकॉर्ड खंगाल रही हैं। इन संस्थानों में और भी संदिग्ध लोग जुड़े हो सकते हैं। साथ ही, यूनिवर्सिटी की लैब से केमिकल्स कैसे बाहर ले जाए गए, इसकी भी जांच की जा रही है।
सभी खबरों का समापन और सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई
आईबी (IB) और जम्मू-कश्मीर पुलिस (Jammu and Kashmir Police) के इनपुट पर दिल्ली, फरीदाबाद (Faridabad), सहारनपुर और लखनऊ में कई स्थानों पर छापेमारी जारी है। फरीदाबाद की बिल्डिंग नंबर 17 का कमरा नंबर 13 फिलहाल सील कर दिया गया है और वहां सुरक्षा बल तैनात हैं।











