पेंच टाइगर रिजर्व में कबाड़ से बनी बाघ की अनूठी मूर्ति का उद्घाटन
मध्य प्रदेश के पेंच टाइगर रिजर्व में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक विशेष बाघ की मूर्ति का अनावरण किया, जो कबाड़ से बनाई गई है। यह कला कृति अब विश्व में सबसे बड़ी कबाड़ से बनी बाघ की प्रतिमा के रूप में जानी जाती है, और इसने अमेरिका के जॉर्जिया (Georgia) राज्य में स्थापित पिछले रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया है।
कबाड़ से बनी इस विशालकाय बाघ की विशेषताएँ और निर्माण प्रक्रिया
पेंच टाइगर रिजर्व की ओर से जानकारी दी गई है कि इस मूर्ति के निर्माण में लगभग 10 टन यानी 10 हजार किलो लोहे का कबाड़ इस्तेमाल किया गया है। इसमें पुरानी साइकिल, पाइप, जंग लगी चादरें और अन्य बेकार पड़े सामान का उपयोग किया गया है। इस अद्भुत कलाकृति को स्थानीय कलाकारों ने करीब 200 दिनों की मेहनत से तैयार किया है।
विश्व रिकॉर्ड और इसकी तुलना
डिप्टी डायरेक्टर रजनीश सिंह ने बताया कि यह बाघ की मूर्ति 17 फीट 6 इंच ऊंची, 40 फीट लंबी और 8 फीट चौड़ी है। वर्ल्ड रिकॉर्ड एकेडमी के अनुसार, अमेरिका के जॉर्जिया में स्थापित सबसे बड़ी बाघ की मूर्ति केवल 8 फीट ऊंची और 14 फीट लंबी है, जिससे पेंच की यह कलाकृति आकार में कहीं अधिक विशाल है। यह उपलब्धि मध्य प्रदेश और पेंच टाइगर रिजर्व के लिए गर्व की बात है।











