बिहार चुनाव परिणाम और एग्जिट पोल का विश्लेषण
बिहार में मतदान प्रक्रिया समाप्त होने के बाद आए एग्जिट पोल के परिणामों ने फिर से नीतीश कुमार की सरकार के सत्ता में रहने के संकेत दिए हैं। आगामी 14 नवंबर को बिहार विधानसभा के परिणाम घोषित होने हैं, लेकिन उससे पहले ही राजनीतिक दलों के बीच इसको लेकर तीखी बहस शुरू हो गई है। विपक्षी महागठबंधन के नेता और मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने इन एग्जिट पोल के अनुमानों पर सवाल उठाए हैं।
तेजस्वी यादव का दावा और राजनीतिक प्रतिक्रिया
बुधवार को पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी यादव ने महागठबंधन की जीत का दावा किया और कहा कि 14 नवंबर को परिणाम आएंगे, जबकि 18 तारीख को वह मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। उन्होंने इन एग्जिट पोल के अनुमानों को खारिज करते हुए कहा कि ये सही तस्वीर नहीं दिखाते। तेजस्वी ने जनता का समर्थन बताते हुए कहा कि इस बार बिहार में बदलाव का मूड है और महागठबंधन को ऐतिहासिक जीत मिलने वाली है। उन्होंने यह भी दावा किया कि 1995 के बिहार चुनाव जैसी जीत इस बार 2025 में मिलने जा रही है।
बिहार चुनाव में मतदान का रिकॉर्ड और राजनीतिक मतभेद
बिहार में इस बार मतदान का रिकॉर्ड टूटने के साथ ही चुनाव का माहौल काफी उत्साहपूर्ण रहा। तेजस्वी यादव ने कहा कि जनता ने रोजगार, शिक्षा और बेहतर शासन के लिए वोट किया है, न कि केवल नीतीश कुमार को बचाने के लिए। वहीं, सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेता भी अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। जनता दल (यूनाइटेड) ने सोशल मीडिया पर एक पोस्टर साझा कर कहा है कि 14 नवंबर को एनडीए सरकार फिर से सत्ता में आएगी।
इस बीच, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार महावीर मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना करते नजर आए, जबकि बिहार के चुनाव दो चरणों में संपन्न हुए। पहले चरण में 6 नवंबर को 121 सीटों पर मतदान हुआ, और दूसरे चरण में 11 नवंबर को 122 सीटों पर वोट डाले गए। मतगणना 14 नवंबर को निर्धारित है। इन चुनाव परिणामों का बिहार की राजनीति पर गहरा प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।









