फरीदाबाद की अल-फलाह यूनिवर्सिटी पर साइबर हमला
हरियाणा के फरीदाबाद में स्थित प्रसिद्ध अल-फलाह यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट (alfalahuniversity.edu.in) को हाल ही में साइबर अपराधियों ने निशाना बनाया है। इस घटना की जिम्मेदारी एक समूह ने स्वीकार की है, जिसे ‘इंडियन साइबर एलायंस’ कहा जाता है। जब वेबसाइट का लैंडिंग पेज खोला गया, तो उस पर एक संदेश दिखाई दिया जिसमें लिखा था, ‘HACKED BY INDIAN CYBER ALLIANCE’।
साइबर हैकिंग का संदेश और चेतावनी
हैकर्स ने वेबसाइट पर एक चेतावनी भी छोड़ी है, जिसमें भारत में “कट्टरपंथी इस्लामिक यूनिवर्सिटीज” को बर्दाश्त नहीं करने की बात कही गई है। संदेश में कहा गया है कि यदि आप भारत में रहना चाहते हैं तो शांति से रहें, और यदि जिहाद करना है तो पाकिस्तान चले जाएं। साथ ही, हैकर्स ने यह भी कहा है कि वे राष्ट्रविरोधी गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं।
11 नवंबर को हुआ साइबर अटैक और इसकी जानकारी
यह साइबर हमला 11 नवंबर 2025 को हुआ माना जा रहा है। उस दिन यूनिवर्सिटी की वेबसाइट को हैक कर एक अनधिकृत PHP पेज /0xf.php अपलोड किया गया था, जिसमें हैकिंग का दावा और चेतावनी संदेश दिखाया गया। इस घटना के बाद, हैकर्स ने डार्क वेब और डीप वेब पर भी स्क्रीनशॉट साझा किए, जिनमें हैक किए गए पेज का दृश्य और संदेश स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
हालांकि, साइबर सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि अभी तक किसी भी संवेदनशील डेटा जैसे छात्र रिकॉर्ड, फैकल्टी की जानकारी या प्रशासनिक फाइलें लीक होने की पुष्टि नहीं हुई है। प्रारंभिक जांच में यह घटना एक डिफेसमेंट अटैक (Defacement Attack) प्रतीत होती है, जिसमें केवल वेबसाइट का दृश्य बदल दिया गया है।
यूनिवर्सिटी के एक सूत्र ने बताया कि डॉ शाहीन, डॉ उमर और डॉ मुजम्मिल जैसे सीनियर डॉक्टर्स इस मामले से जुड़े हैं। वहीं, दिल्ली ब्लास्ट से संबंधित छह लोगों को यूनिवर्सिटी से हिरासत में लिया गया है, जिनमें ज्यादातर जूनियर डॉक्टर्स हैं। इस यूनिवर्सिटी में करीब 40 प्रतिशत डॉक्टर्स कश्मीर से हैं, और एमबीबीएस कोर्स 2019 से शुरू हुआ था।
फरीदाबाद पुलिस की साइबर सेल ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है। साथ ही, यूनिवर्सिटी प्रशासन ने वेबसाइट को अस्थायी रूप से ऑफलाइन कर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों की मदद ली है।











